सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम - social security program

सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम - social security program

सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम - Social Security Program

मंत्रालय का सामाजिक रक्षा ब्यूरो, उपेक्षित और वंचित लोगों, निसहायों, उपेक्षितों और अपराधी किशोरों की जरूरत पूरा करता हैं, जिन्हें मदद के अभाव में देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता है अथवा वे लोग जो समाज और कानून से लड़ते हैं, मादक पदार्थ व्यसनी तथा अपराधी, वृद्ध और दूसरों पर आश्रित जिन्हें विशेष देखरेख सरंक्षण और मदद की जरूरत होती है। किशोर अपराधियों की देखरेख और पुनर्वासके लिए दी जाने वाली सेवाओं हेतु किशोर न्या अधिनियम को पढ़ा जाना चाहिए। इसी प्रकार बालिकाओं पर नीति के साथसाथ महिला सशक्तिकरण के लिए नीतियों को भी दूसरी बातों के साथ साथ पढ़ा जाना चाहिए, जिनकी बालिकाओं और महिलाओं के लिए देखरेख और संरक्ष की आवश्यकता पड़ती है। ब्यूरो की योजनाओं और नीतियों का लक्ष्यसम्मान और आदर के जीवन को निरंतर बनाए रखने के लिए और उपयोगी नागरिक बनने के लिए इस समूह को सशक्त करना है। इस प्रक्रिया में ब्यूरो एक उत्प्रेरककी भूमिका वहन करता है और इसने स्वैच्छिक क्रिया को प्रेरित किया है। राज्य सरकारें, स्वायत्त निकाय, गैर-सरकारी संगठन और कॉरपोरेट विश्व भी नीतियाँ बनाने और उन्हें नियोजित करने में संलिप्त है।








वृद्धों की देखभाल


वृद्धों की बढ़ती असुरक्षा को देखते हुए सामाजिक न्यग्र और अधिकारिता मंत्रालय ने जनवरी 1991 में पूरी तरह वृद्धों के कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए वृद्ध व्यक्तियों सम्बन्धी राष्ट्रीय नीति का निर्माण किया। यह गरीब और निस्सहाय वृद्ध व्यक्तियों, संगठित क्षेत्रों में लोगों की आय बचत पर बेहतर प्रतिलाभ, कौशल उन्नयन, स्व-रोजगार, निरंतर रोजगार और आय सृजन के माध्यम से वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। वृद्ध व्यक्तियों सम्बन्धी राष्ट्रीय नीति, जन स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने और उसे प्राथमिक स्तर से तृतियक स्तरों तक ले जाने तथा स्वास्थ्य बीमा को कार्यान्वित करके वृद्धों की स्वास्थ्य की स्वास्थ्य सम्बन्धीजरूरतों की पूर्ति करती है। इसकी मान्यता है कि राज्य को, वृद्ध व्यक्तियों को अपराधों से बचाने के लिए सुरक्षा जाल को मजबूत करना है और पुलिस को भी मैत्रीपूर्ण ख की जरूरत है। वृद्ध व्यक्तियों सम्बन्धी राष्ट्रीय नीति, कई हिस्सेदारों जैसे मीडिया, समुदाय के लोगों और समुदाय के लोगों और मुख्य रूप से परिवार से सकारात्मक भूमिकाओं की अपेक्षा का वर्णन करती है। यह बुढ़ापे की देखरेख में मानव संसाधन के प्रशिक्षण पर जोर देती है। राष्ट्रीय नीति की घोषणा के अनुकरण में, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की अध्यक्षता में वृद्ध व्यक्तियों के लिए नीति और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन पर, सरकार को सलाह देने और मदद करने तथा सरकार को प्रतिपुष्टि देने के लिए राष्ट्रीय वृद्ध व्यक्ति परिषद (एन.सी.ओ.पी.) को स्थापित किया गया। एन.सी.ओ.पी. की एक अंतर मंत्रालयी समिति भी है जिसका प्रधान सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का सचिव होता है और यह एन. सी.ओ.पी. की सिफारिशों के आधार पर की गई कार्रवाई पर निगरानी रखती है तथा कार्रवाई का उचित कार्यान्वयन करती है। 






सहायक अनुदान


अपने अधिकार क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, विकलांगताओं, सामाजिक सुरक्षा, अनुसूचित जातियों अन्य पिछड़ा वर्गों आदि के कल्याण के क्षेत्र में उन विभिन्न कार्यक्रमों की मदद और समर्थन करता है जो विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों के माध्यम से कार्यान्वित की जाती हैं।