न्यास / ट्रस्ट - Trust
न्यास / ट्रस्ट - Trust
धर्मार्थ न्यासों द्वारा भी कल्याण कार्यक्रम नियोजित किए जाते हैं। भारतीय धर्मार्थ न्यास अधिनियम सावर्जनिक, निजी धार्मिक और धर्माथ्र न्यासों को पंजीकृत करने और संचालित करने का अवसर प्रस्तुत करता है। न्याय एक ज़िम्मेदारी है जिसका जुड़ाव संपत्ति के स्वमित्व से है तथा अन्यों और स्वामी के लाभ के लिए न्यासियों में स्वीकृत व्यक्त और विश्वास से उत्पन्न होता है।
धर्मार्थ न्यास के उद्देश्य निम्न हैं -
• गरीबों की मदद के लिए न्यास।
• शिक्षा की उन्नति के लिए न्यास।
• धर्म की उन्नति के लिए न्यास।
• अन्य प्रयोजनों के लिए न्यास जो समुदाय के लिए लाभकारी हों।
भारतीय सरकार ने गैर-सरकारी संगठनों के अभ्युदय को प्रोत्साहित किया है। सातवीं पंचवर्षीय योजना में, सरकार ने गैर-सरकारी संगठनों को देश की विकास प्रक्रिया में भाग लेने की भूमिका की महत्ता पर जोर दिया। सरकार, समाज विकास में महत्वपूर्ण भूमिका शुरू करने के लिए गैरसरकारी संगठनों को चाहती थी इसलिए ये कार्य और जिम्मेदारियाँ नीचे दिए गए हैं -
1. ग्रामीण लोगों को चयन और विकल्प प्रदान करने के लिए सरकार के प्रयत्नों को पूरा करना ।
2. गाँव की आबादी के आँख और कान होना जिससे कि गाँव की आबादी को कानून विधान नया ज्ञान और सूचना प्रदान की जा सके।
3. स्वैच्छिक संगठनों को प्रारम्भिक परियोजनाओं को नए विचारों के साथ शुरू करना चाहिए जो यदि सफल हों तो उन्हें व्यापक पैमाने पर क्रियान्वित किया जा सकता है।
4. निचले स्तरों पर लोगों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए वितरण प्रणालियों को प्रेरित करना।
5. सूचना का प्रचार-प्रसार करना।
6. आत्म निर्भर और स्वतंत्र बनाने के लिए समूदायों की मदद करना।
7. समुदाय संगठन के लिए समुदायों में जनशक्ति संसाधनों की शुरुआत करना।
8. समुदाय में, घरों के लिए प्रौद्योगिकी और नवीनीकरण लाना। उदाहरणस्वरूप, ग्रामीण आबादी को कृषि की नई बेहतर विधियों के बारे में प्रशिक्षित करना
9. समस्याओं का निवारण करने और स्वैच्छकवाद को प्रेरित करने के लिए निचले स्तर के कर्मियों को प्रशिक्षित करना।
10. समुदाय के संसाधनों को इकट्ठा करना।
11. समुदाय में क्या हो रहा है, इसके बारे में समुदाय को जिम्मेदार और जवाबदेह बनाने के लिए सामुदायिक भागीदारी को प्रेरित करना।
लोकतांत्रिक, समाजवादी और कल्याण समाज में, स्वैच्छिक गैर-सरकारी संगठन बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हैं। भारत में गैरसरकारी संगठनों ने देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का निष्पादन किया है। ये सरकार के साथ, सामाजिक विकास में सामाजिक न्याय के साथ उत्तरदायित्व वहन करते हैं। हाल ही में हम विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों की बढ़ती हुई संख्यादेखते हैं जो सरकारी कार्यक्रमों पर कार्य कर रहे हैं अथवा जनसंख्या के कमजोर वर्गों के विकास के लिए अपने कार्यक्रमों का नियोजन किया है।
गैर-सरकारी संगठनों के प्रमुख कार्य निम्न हैं -
1. मानव, स्वभाव से ही सामाजिक होते हैं अर्थात लोग अपने लाभ के लिए और दूसरों के लिए स्वैच्छिक रूप से, समूह और संघ बनाते हैं जिससे कि पूर्ण और संपन्नजीवन निवहन कर सकें।
2. संगठित स्वैच्छिक क्रिया, विविध राजनीतिक और दूसरे हितों से समूहों और व्यक्तियों की मदद करती है, राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने में योगदान करती है और सहभागी लोकतंत्र का संवर्धन करती है।
3. लोकतांत्रिक पद्धति वाले बहुलवादी समाज को व्यक्ति और राज्य के मध्य एक मध्यस्थ के रूप में कार्य करने के लिए बहुत सारे स्वतंत्र गैर-सरकारी संगठनों की जरूरत पड़ती है और इस प्रकार सरकार को विभिन्न क्षेत्रों में एकाधिकार स्थापित करने से रोका जाता है।
4. योजनाकार की गलतियों को ठीक करना में बी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। गैरसरकारी संगठन लोगों की हिस्सेदारी से नियोजन, नीति निर्माण, समाज कल्याण प्रशासन आदि में गलतियाँ बता सकते हैं।
5. राज्य के पास नागरिकों की सभी जरूरतें पूरी करने के लिए जरूरी वित्तीय संसाधन और जनशक्ति नहीं होते।
6. गैर सरकारी संगठन समुदायभागीदारी का संवर्धन कर सकते हैं क्योंकि वे लोगों के नजदीक होते है। लोग उन्हें अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से उत्तर देते हैं।
7. प्रत्यक्ष भागीदारी के माध्यम से ज़िम्मेदारी की भावना सृजित करना गैर-सरकारी संस्थाएं अपने कार्यकर्ताओं के संपर्क के कारण समुदाय में कार्यक्रम तैयार करने और उन्हेंकार्यन्वित करने की बेहतर स्थिति में होती हैं।
8. गैर-सरकारी संगठन विशिष्ट मुद्दों पर लक्ष्यसमूहों में बेहतर जानकारी और सकारात्मक दृष्टीकोण के लिए कार्य कर सकते हैं अर्थात ये जनमत तैयार करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं। साथ ही गैर सरकारी संगठन, समाज की भलाई के लिए नए सामाजिक विधानों का संवर्धन करने के लिए भी कार्य कर सकते हैं।
9. गैर-सरकारी संगठन स्वायत्त होते हैं और अपने कार्य संचालन में उन्हें लचीलेपन की ज्यादा स्वतंत्रता होती है तथा वे नई पद्धतियों और कार्यक्रमों पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
10. गैर-सरकारी संगठन कार्यक्रम कार्यान्वयन में और समुदाय के लोगों के लिए नए कार्यक्रम बनाने में सरकार की मदद कर सकते हैं।
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