प्रश्नावली के प्रकार - Types of Questionnaires
प्रश्नावली के प्रकार - Types of Questionnaires
इस संबंध में विभिन्न विद्वानों के भिन्न-भिन्न हैं। ति जॉर्ज ए. लुंडवर्ग ने प्रश्नावली के दो प्रकारों की चर्चा की है -
1) तथ्य संबंधी प्रश्नावली
2) मत एवं मनोवृत्ति अभिवृत्ति संबंधी प्रश्नावली
श्रीमती यंग ने भी प्रश्नावली के दो रूपों की चर्चा की है -
1) संरचित प्रश्नावली
2) असंरचित प्रश्नावली
मोटे तौर पर प्रश्नावली को निम्न भागों में बांटा जा सकता है
1) संरचित या संयोजित प्रश्नावली
इसका निर्माण शोध प्रारम्भ करने से पूर्व ही कर लिया जाता है। इसमें प्रश्नों का क्रम भी पूर्व निर्धारित होता है। इस प्रकार प्रश्नावली का मूल उद्देश्य सुनिश्चित व समरूप उत्तर प्राप्त करना होता है। इसके प्रश्न निश्चित व दृढ़ होने के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति के लिए समान होते हैं जिसके परिणामस्वरूप ये समान तथ्यों की संभावना को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। ऐसी प्रश्नावली का उपयोग उन क्षेत्रों में किया जाता है जहां औपचारिक अन्वेषण का संचालन करना हो अथवा पूर्ण रूप से संचित किए गए तथ्यों अथवा आकड़ों के जांच की आवश्यकता होती है।
2) असंरचित प्रश्नावली
असंरचित प्रश्नावली में प्रश्नों को पूर्व निर्धारित नहीं किया जाता है। इसका स्वरूप लोचपूर्ण व अनिश्चित होता है। इसमें अध्ययन से संबंधी प्रसंगों अथवा बिन्दुओं को पहले से निर्दिष्ट कर लिया जाता है जिनके संबंध में उत्तरदाता से सूचनाओं कासंकलन करना होता है। इस प्रकार की प्रश्नावली का प्रयोग मनोविश्लेषणात्मक साक्षात्कारों तथा अनौपचारिक एवं गहन अध्ययनों के लिए किया जाता है।
3) चित्रमय प्रश्नावली
इस प्रकार की प्रश्नावली में प्रश्नों के संभावित उत्तर चित्र द्वारा व्यक्त किए जाते हैं। इन चित्रों से प्रश्नावली रोचक और आकर्षक बन जाती है तथा उत्तरदाता अपने उत्तर का चुनाव करके उपयुक्त चित्र पर निशान लगा देते हैं। इसका प्रयोग अनिरक्षर या मंद बुद्धि लोगों से जानकारी हासिल करने के लिए किया जाता है।
4) मिश्रित प्रश्नावली
यह प्रश्नावली एक प्रकार से भिन्न, खासकर खुले व बंद प्रकार के प्रश्नों का मिला-जुला रूप होती है। इसे अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सकता है। इससे उत्तरदाता को अपने विचार स्वतंत्र रूप से प्रकट करने अवसर मिल जाता है।
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