अनुसूची के प्रकार - Types of Schedule
अनुसूची के प्रकार - Types of Schedule
अनुसूची के प्रकार के संबंध में भी विद्वानोंमें मतभेद हैं।
श्रीमती यंग ने अनुसूची केचार प्रकारों का उल्लेख किया है -
1) अवलोकन अनुसूची
2) मूल्यांकन अनुसूची
3) प्रलेख अनुसूची
4) संस्था सर्वेक्षण अनुसूची
जॉर्ज लुंडवर्ग ने अनुसूची को तीन प्रकारों में विभाजित किया है -
1) वस्तुनिष्ठ तथ्यों को लिपिबद्ध करने वाली अनुसूची।
2) अभिवृत्ति और मत का निर्धारण व उनका मान करने वाली अनुसूची।
3) सामाजिक संगठनों तथा संस्थाओं की स्थिति और कार्यों को जानने से संबंधित अनुसूची यहाँ हम अनुसूची के कुछ प्रमुख प्रकारों का उल्लेख करेंगे।
1) साक्षात्कार अनुसूची
इसका प्रयोग मुख्यतःव्यक्तिगत साक्षात्कार के दौरान किया जाता है। शोधकर्ता द्वारा साक्षात्कार अनुसूची में अंकित प्रश्नों के उत्तरों को उत्तरदाता से प्राप्त करके अनुसूची में उक्त स्थान पर कित कर देना होता है। इससे विश्वसनीय व प्रामाणिक सूचनाएँ प्राप्त होती हैं।
2) अवलोकन अनुसूची
इस अनुसूची का प्रयोग किसी घटना के निरीक्षण के लिए किया जाता है। इसमें शोधकर्ता अध्ययन क्षेत्र में जाकर स्वयं ही घटना का विश्लेषण करता है और उसे यथास्थान अंकित कर देता है। यह अनुसूची शोधकर्ता के कार्य को प्रभावी, सुव्यवस्थित व क्रमबद्ध करती है।
3) लिखित या प्रलेख अनुसूची
इस अनुसूची का प्रयोग प्रलेखों, वैयक्तिक इतिहासों तथा अन्य स्रोतों से प्राप्त तथ्यों को अंकित करने के लिए किया जाता है। यह ऐतिहासिक, विकासात्मक अनुसंधान व सर्वेक्षण में अधिक इस्तेमाल की जाती है।
4) मूल्यांकन अनुसूची
इस अनुसूची का मूल उद्देश्य मूल्यांकन करना होता है। घटनाओं या सामाजिक समस्याओं के बारे में अभिरुचि आदि के संग्रह के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। इसके द्वारा उत्तरदाता की पसंद-नापसंद, पक्ष-विपक्ष के विचारों को जानने का प्रयास किया जाता है।
5) जाँच अनुसूची
अधिकांशतः इस प्रकार की अनुसूचियों का इस्तेमाल सामान्य तथ्यों अथवा जनगणना संबंधी सूचनाओं को एकत्रित करने में किया जाता है।
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