निर्धनता का दुष्चक्र (VICIOUS CIRCLE OF POVERTY)

निर्धनता का दुष्चक्र (VICIOUS CIRCLE OF POVERTY)

 निर्धनता का दुष्चक्र (VICIOUS CIRCLE OF POVERTY)


निर्धनता का कारण और परिणाम स्वयं निर्धनता ही है. निर्धनता का दुष्चक्र एक ऐसी वृत्ताकार प्रक्रिया है जिसका प्रारंभ भी निर्धनता से होता है और अंत भी निर्धनता के रूप में होता है.


प्रो. विन्स्लो (Prof. Winslow) ने जिनेवा मे एक सम्मेलन मे निर्धनता को इस प्रकार स्पष्ट किया था निर्धनता एवं बीमारी एक दुष्चक्र मे परस्पर क्रमबद्ध थे पुरुष और स्त्रियाँ इसलिए बीमार थे क्यूंकि वे लोग गरीब थे, वे गरीब इसलिए हो गए क्यूंकि वे बीमार थे. वे और अधिक गरीब इसलिए होते गए क्यूंकि वे बीमार बने रहे और उनकी उत्तरोत्तर बिमारी का कारण उनकी गरीबी थी.



रागनर नर्कसे के अनुसार निर्धनता के दुष्चक्र का अर्थ, नक्षत्र मंडल के समान वृत्ताकार ढंग से घूमती हुई ऐसी शक्तियों से है जो एक दूसरे पर इस प्रकार क्रिया प्रतिक्रिया करती हैं कि एक निर्धन देश निर्धनता की अवस्था में बना रहता है.