यूरोप/युनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) में समाज कार्य शिक्षा का विकास -Development of Social Work Education in Europe/United Kingdom (England)
यूरोप/युनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) में समाज कार्य शिक्षा का विकास -Development of Social Work Education in Europe/United Kingdom (England)
इंग्लैंड में समाज कार्य शिक्षा का प्रारंभ 1950 के पश्चात ही माना जाता है। इस समय समाज कार्य के क्षेत्र में शिक्षण प्रशिक्षण का अभाव था इसके बावजूद भी चिकित्सीय समाज कार्य, मानसिक स्वास्थ्य, परिवीक्षा इत्यादि कुछ विशेष क्षेत्रों में अल्पकालीन प्रशिक्षण दिया जाता था। सर्वप्रथम कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्नेजी की प्रथम रिपोर्ट में यह प्रस्ताव रखा कि समाज कार्य से जुड़े व्यक्तियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं हेतु प्रशिक्षण व रोजगार से संबंधि एक विश्वविद्यालय के अधीन समाज कार्य विद्यालय का निर्माण होना चाहिए और इसे शीघ्र प्रारंभ करना चाहिए। इन तथ्यों के आधार पर एक परिषद का निर्माण का किया गया और 1950 में इस परिषद ने एक उपसमिति को बनाकर उसे वैयक्तिक समाज कार्य संबंधी परा प्रमाण-पत्र के लिए पाठ्यक्रम बनाने की जिम्मेदारी प्रदान की गई। इस पाठ्यक्रम को मानव व्यवहार ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। इस संपूर्ण प्रक्रिया के पश्च 1951 में कार्नेजी ट्रस्ट द्वारा दूसरी रिपोर्ट का प्रकाशन किया गया जिसका नाम बदलकर व्यावहारिक समाज अध्ययन संस्थान कर दिया गया। 1951 में मानसिक स्वास्थ्य की ओर समाज कार्यकर्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए टॉविस्टोन क्लीनिक ने इस क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आयोजित करना प्रारंभ किया और 1959 तक 24 समाज विज्ञान विभागों में से 6 विभागों द्वारा व्यावसायिक समाज कार्य के शिक्षण प्रशिक्षण संबंधी कार्यक्रमों को प्रारंभ किया। इसके पश्चात 1966 में यार्क यूनिवसिटी द्वारा सर्वप्रथम समाज कार्य के क्षेत्र में द्विवर्षीय शिक्षण को प्रारंभ किया गया, जिससे व्यावसायिक समाजकार्य के क्षेत्र में काफ़ी बढ़ोतरी हुई। एक आकलन आधार पर 1975 तक यूरोप/यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) के 35 विश्वविद्यालय में सामाजिक प्रशासन तथा समाज कार्य के विभाग थे, जिनमें समाज कार्य से संबंधित शिक्षण प्रशिक्षण का कार्य किया जाता था। अत: इस तरह यूरोपयूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) में समाज कार्य संबंधी शिक्षा के प्रारंभ को देखा जा सकता है जिसने समाज कार्य विषय की पृष्ठभूमि को तैयार करने में काफी हद तक सहायता की।
इंग्लैंड में बनाए गए कुछ महत्वपूर्ण विधान एवं कार्य एक नज़र में इंग्लैंड में भी अन्य यूरोपीय देशों की भाँति गरीबों की देख-रेख का कार्य चर्च करते थे।
प्रारंभ में क्लेश दुःख गरीबी तथा अन्य समस्याओं के लिए ईसाई लोग एकदूसरे की सहायता करते थे।
मध्यकाल में क्लेश, दुःख गरीबी तथा अन्य समस्याओं के लिए पादरी कार्य करते थे। * गाई डी मान्टेपेलियर्स (Guy De Montpelliers) ने हास्पिटल की तथा सॅटफ्रैंसिस डिएसिसी ने (Saint Francis de Assisi) फ्रैंसिस कैन्स (Francis Cans) की स्थापना की, जिसका उद्देश्य निर्धन, अपाहिज पीड़ितों को शिक्षा देना तथा रोगियों की चिकित्सीय सहायता तथा निराश्रितों को आश्रय देना था।
सोलहवीं शताब्दी के सुधार काल में भिक्षावृत्ति को रोकने का प्रयास किया गया तथा सामान्य दान पेटियों (Common Chests) की स्थापना की गई। 1523 ई. में ज्यूरिख तथा स्विटजरलैंड में अलरिक ज्वागला ने सहायता के लिए प्रभावकारी योजना प्रस्तुत की।
सर्वप्रथम 1531 में हेनरी अष्टम् ने स्टेट्यूट ऑफ हेनरी VIII पास किया। ॐ सन 1536 ई. में इंग्लिश सरकार ने निर्धनों को पंजीकृत कराके उनकी चर्च द्वारा सहायता की योजना बनाई।
1576 ई. में सुधारगृह (House of Correction) स्थापित हुए जहाँ पर गरीबों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाता था।
सन 1601 ई. में एलिजाबेथ का धनहीनों के प्रति कानून बना।
फादर बिसेन्ट ने 1633 में 'भिक्षा की लड़कियाँ' नामक संघ की स्थापना की, जिनमें महिलाएँ भिक्षा का कार्य करती। अतः 14 अगस्त, सन् 1834 ई0 को नवीन गरीब कानून (The New Poor Law) बना। • सन 1844 ई0 में चार्टिस्टों ने पहला सहकारी भंडार खोला जिसके मालिक श्रमिक ही
सन 1844 ई. में जार्ज विलियम्स नामक वस्त्र विक्रेता ने युवकों तथा युवतियों को ईसाई जीवन पद्धति पर चलने की प्रेरणा दी और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए नवयुवक ईसाई संघ (Young Men Christian Association) की स्थापना की।
सन 1848 ई. में चाडविक के प्रयास से जनस्वास्थ्य एक्ट The Public Health की स्थापना हुई और चाडविक उसके सदस्य बने।
सन 1860 ई. में एक चर्च महिला समूह डेस अवे क्लब की स्थापना कनेक्टीकट में की गई 1874 ई. में प्रौढ़ शिक्षा का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ।
● प्रथम सेटलमेन्ट टायनबी हाल (Toynbee Hall) सन् 1884 ई0 में कैनन चारनेट (Canon Barnetr) द्वारा स्थापित किया गया।
• 1886 ई. में सेटेलमेन्ट हाउसेज आरंभ हुआ। ॐ सन 1886 ई. में स्वच्छता सहायता समिति (Sanitary Aid Committee) की स्थापना संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए की गई। गृहों की दशा सुधारने का प्रयत्न किया।
सन 1895 ई. में मिस स्टेवार्ट (Stewart) ने हास्पिटल सोशल सर्विस का प्रारंभ किया।
डब्ल्यू मोरे इंडे (W. Moore Ede) ने 1896 ई0 ने सेटलमेंट आंदोलन का दर्शन प्रस्तुत किया। * वेथनाल ग्रीन में आक्सफोर्ड हाउस, साउथवार्क में वीमेन्स यूनिवर्सिटी सेटलमेंट केनिंग टाउन में मान्सफील्ड हाउस आदि की स्थापना की गई। सामाजिक वैयक्तिक समाज कार्य तथा सामूहिक समाज कार्य लगभग समान परिस्थितियों में औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप इंग्लैंड और अमेरिका में विकसित हुआ।
• कैनन चारनेट ने सेटलमेंट के लिए उन सिद्धांतों को प्रतिपादित किया जो आगे चलकर समाज कार्य की सभी प्रणालियों के आधारभूत सिद्धांत माने जाने लगे। उन्होंने व्यक्ति के महत्व को, मान, संबंध आत्म निश्चय पर बल दिया। कैनन की विचारधारा को आधार मान कर ही सामूहिक समाज कार्य पद्धति का मंत्र आधुनिक रूप से विकास संभव हो सका।
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