समाज कार्य के प्रकार्य - Functions of social work
समाज कार्य के प्रकार्य
समाज कार्य (जैसा कि पहले भी बताया जा चुका है कि एक व्यावसायिक कार्य है, जो निर्बल और असहाय लोगों की सहायता से संबंधित है। इस सहायता का मूल प्रयोजन यह होता है कि संबंधित लोग स्वयं से ही अपनी सहायता करने में सक्षम हो सकें। समाज कार्य का उद्देश्य समाज में जनसाधारण की समस्याओं का निराकरण करना होता है। इसके लिए एक समाज कार्यकर्ता विभिन्न सामाजिक व व्यावहारिक विज्ञानों के सिद्धांत कुशलता व ज्ञान का इस्तेमाल करता है और इस आधार पर संबंधित लोगों की समस्याओं का निराकरण करने का प्रयत्न करता है। हालांकि समाज कार्य के सभी प्रकार्यों को यहाँ प्रस्तुत कर पाना दुष्कर है इसलिए यहाँ समाज कार्य के प्रमुख प्रकार्यों को प्रस्तुत किया जा रहा है.
सुधारात्मक प्रकार्य
एक व्यवसाय के रूप में समाज कार्य में व्यक्ति और उसके बातावरण के संबंधों को महत्वपूर्ण माना जाता है। इस आधार पर यदि व्यक्ति और वातावरण के अंतःक्रियात्मक संबंध ठीक है तो व्यक्ति समायोजन का अनुभव करेगा परंतु इसके विपरीत यदि व्यक्ति और वातावरण के मध्य अंतःक्रियात्मक संबंध ठीक नहीं है तो व्यक्ति को सामाजिक भूमिकाओं के संबंध में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए समाज कार्यकर्ता की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह विचलनपूर्ण व्यवहार करने वाले व्यक्तियों के व्यवहारों में आवश्यक सुधार करें और उनकी अंतःक्रिया करने की क्षमता को विकसित करे। सामान्यतः ये सुधारात्मक प्रकार्य अपराधी सुधार गृहों से संबंधित होते हैं। यहाँ वैयक्तिक सामाजिक कार्यकर्ता अपनी सेवाओं को प्रदान करता है और वह संबंधित व्यक्ति का वातावरण से समायोजन के साथ-साथ उसके पुनर्वास के लिए भी प्रयास करता है। इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ता अन्य सुधारकर्ताओं मनोवैज्ञानिकों व मनोचिकित्सकों की सहायता लेता है तथा संबंधित व्यक्ति की सामाजिक आर्थिक व पारिवारिक पृष्ठभूमि का संज्ञान करके सुध्म करने का प्रयत्न करता है।
निरोधात्मक प्रकार्य
निरोधात्मक प्रकार्य से अभिप्राय उन दशाओं के निषेधों से है जो व्यक्ति के जीवन में सामाजिक, आर्थिक व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के सृजन में उल्लेखनीय भूमिका निभाते हैं। इन प्रकार्यों के तहत समाज कार्यकर्ता द्वारा संबंधित व्यक्ति के वैयक्तिक व सामुदायिक जीवन में हस्तक्षेप किया आता है तथा व्यक्ति को उन परिस्थितियों व तत्वों के बारे में बोध कराया जाता है, जो उनके जीवन में पैदा होने वाली समस्याओं के लिए उत्तरदायी होते हैं। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु समाज कार्यकर्ताद्वारा समुदायों में निरोधात्मक सेवाओं का संचालन किया जाता है। 3. विकासात्मक प्रकार्य इन प्रकार्यों के तहत समाज कार्यकर्ता द्वारा समुदाय विकास उन्मुखी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सहायता की जाती है। समाज कार्यकर्ता समुदाय की विकासात्मक आवश्यकताओं की आपूर्तिह आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने और उनके समायोजन में सहायता करते हैं। सामान्य तौर पर ये प्रकार्य रोजगार और विकास उन्मुखी कार्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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