समाज कार्य और समाजशास्त्र में संबंध - Relationship between Social Work and Sociology
समाज कार्य और समाजशास्त्र में संबंध - Relationship between Social Work and Sociology
समाज कार्य अनुशासन का मुख्य उद्देश्य समस्याओं का उन्मूलन करना होता है। इसके लिए समाज कार्य अन्य अनुशासनों की प्रविधियों और साधनों को उपयोग में लाता है और साथ ही इन अनुशासनों के व्यावहारिक ज्ञान के आधार पर भी समाज कार्य को काफी मदद मिलती है। यहाँ उन अंतसंबंधित अनुशासनों का उल्लेख किया जा रहा है, जिनका समाज कार्य अनुशासन से घनिष्ठ संबंध है.
• समाजशास्त्र
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और वह सदैव किसीन-किसी समाज का अंग बनकर जीवन व्यतीत करता है। व्यक्ति के जीवनकाल में उसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ये समस्याएँ वैयक्तिक व सामाजिक दोनों प्रकार के कारकों द्वारा नियोजित हो सकती हैं। ये समस्याएँ सामाजिक व्यवस्था को तोड़ने का काम करती हैं, समाज में विचलन, विघटन लाती हैं। उन सामाजिक घटनाओं का अध्ययन समाजशास्त्र का मुख्य उद्देश्य है जो समाज को विघटित करने के लिए उत्तरदायी होती हैं। ये समस्याएँ न केवल वैयक्तिक जीवन पर दुष्प्रभाव डालती है अपितु पूरे समाज को भी दूषित कर देती हैं। समाजशास्त्र का अध्ययन क्षेत्र मानवीय क्रियाएँ और उनके पारस्परिक संबंध भी होते हैं। मानव की अनेक समस्याएँ उनकी आपसी अंतक्रियाओं से जुड़ी होती हैं। इस कारण से समाज कार्यकर्ता को इनके बारे में गूढ़ ज्ञान की जरूरत पड़ती है और इसके लिए समाजशास्त्र का सहयोग बहुमूल्य होता है।
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