समाज कार्य और राजनीतिशास्त्र में संबंध - Relationship between social work and politics
समाज कार्य और राजनीतिशास्त्र में संबंध - Relationship between social work and politics
इसके अंतर्गत किसी शासन व्यवस्था के स्वरूप प्रकार, महत्व, संगठन व संवैधानिक व्यवस्थाओं के इसके अंतर्गत किसी शासन व्यवस्था के स्वरूप प्रकार, महत्व, संगठन संवैधानिक व्यवस्थाओं के बारे में बोध किया जाता है। राज्य की नीतियाँ क्या है, क्या होनी चाहिए? आदि प्रश्नों के उत्तरों के बारे में भी अध्ययन किया जाता है। एक समाज कार्यकर्ता को राजनीतिक संस्थाओं व सामाजिक नीतियों के बारे में पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए। राज्य द्वारा नियोजित किए गए कानून नियम विनियम, कार्यक्रम परियोजनाएं समाज के कल्याण में सार्थक होते हैं। ये प्रावधान सही ढंग से समाजतक पहुँच सके और उपयुक्त व्यक्ति को इसका लाभ प्राप्त हो सके, इसके लिए यह आवश्यक है कि एक समाज कार्यकर्ता को इनके बारे में पर्याप्त ज्ञान हो। यह संज्ञान उसे राजनीतिशास्त्र की सहायता से होता है।
वार्तालाप में शामिल हों