प्रशांत क्षेत्र में समाज कार्य का विकास - Development of Social Work in the Pacific

Development of Social Work in the Pacific

प्रशांत क्षेत्र में समाज कार्य का विकास - Development of Social Work in the Pacific

प्रशांत क्षेत्र के अंतर्गत मुख्यरूप से निम्न देशों को शामिल किया जाता है ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पापुआ न्यू यूनिया, ब्रूनी, फिजी, कूक आइलैंड्स, किरिबती, मार्शल आईलैंड, नाउरु निउ, सोलोमैन, आइलैंड्स, टोकेलाऊ, टोंगा, तुवालु वनुआतू सोमोआ इत्यादि। लेकिन उसमें कुछ ही देश में समाज में कार्य का विकास हुआ है। जिसमें ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड तथा फिजी देश शामिल है। इन देशों में सामाजिक सेवाएँ या कल्याण कार्यक्रम को एक विशेष विभाग के अंतर्गत संचालित किया जाता है। इन देशों में समाज कार्य कैसे प्रकाश में आया और किस प्रकार एक विषय के रूप में शामिल हुआ इसे समझने का प्रयास किया जा रहा है।









ऑस्ट्रेलिया विश्व का छठवां विशालतम देश माना जाता है जोकि सूक्ष्मतम महाद्वीप जनभूमि है। अलग अलग विद्वानों ने ऑस्ट्रेलिया में समाज कार्य के प्रारंभ के संदर्भ में अपने विचारों के व्यात किया है। मर्चेण्ट (1985) कि आस्ट्रेलियाई समाज कार्य इतिहास यथा- लरिस (1965), मॉर्टिन (1983) तथा - (1980) ने सामाजिक कार्मिकों विशेषकर महिलाओं की जो वृत्तिक समाज कार्य प्राक तारीखी बनाते हैं, उपेक्षा करते हुए, वृत्तिक संघटनों पर संकेंद्रण किया है। 1980 में भी समाज कल्याण के इतिहास में सांप्रदायिक संस्थाओं की कमी का संज्ञान हैं। कैथोलिक कल्यमा प्रयासों के सामान्य इतिहास की आवश्यकता से अधिक अपेक्षा की गई है। केनेडी (1985) के अनुसार 1887 से 1898 के दौरान दान कल्याण ऑस्ट्रेलिया में समाज कार्य प्रारंभ एक महत्वपूर्ण घटक रूप में माना जाता है। आस्ट्रेलिया में समाज कार्य की शुरूआत एक ऐतिहासिक घटना है। वस्तुत: प्रारंभिक काल 1830 के दशक को मानते हैं, जिसमें कैथोलिक धर्मों के द्वारा देखभाल महिलाओं के लिए सेवाएं बीमार तथा अनाथ हेतु सेवाओं पारिवारिक कल्याण सेवाएँ सामाजिक न्याय तथा वकालती मुद्दों हेतु सेवाओं का विकास किया। 1929 में मंदी के समय भी औपचारिक समाज कार्य को देखा जा सकता है 1950 के दशक तक विश्वविद्यालय स्तर पर समाज कार्य स्थापित हो चुका था (कैमिलेरी, 2005)। इसके अलावा सिडनी, मेलबर्न, एडिलेड, वेस्टर्न एवं क्वींसलँड विश्वविद्यालयों में व्यावसायिक समाज को देखा जा सकता है। समाज कार्य में व्यासायिकता हेतु एक मानक मापदंड की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए में 1974 में नेशनल काउंसिल ऑफ सोशल वेलफेयर की स्थापना की गई। (नेपियर तथा जार्ज, 2001)| 1975 तक ऑस्ट्रेलिया में लगभग 1 समाज कार्य विद्यालयों को स्थापित किया जा चुका था। वर्तमान समय में ऑस्ट्रेलिया के द्वारा आस्ट्रेलियन सोशल वर्क, कंटेम्पोरेरी सोशल वर्क एजुकेशन, एडवांसेज इन सोशल वर्क एंड वेलफेयर एजुकेशन एवं विमेन इन वेलफेयर एजुकेशन जैसी शोध पत्रिक नियमित रूप से प्रकाशित की जा रही हैं (नेपियर तथा जार्ज, 2001)







न्यूजीलैंड में बहुत समय तक समाज कार्य का कोई प्रावधान नहीं था। समाज कार्य क्या होता है, वहाँ के लोग नहीं जानते थे। सबसे पहले 1947 में तत्कालीन मंत्री पीटर फ्रेलर ने समाज कार्य के विद्यालय की स्थापना के लिए स्वीकृति दी और इस प्रकार से यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूजीलैंड का नाम बदलकर स्कूल ऑफ सोशल साइंस कर दिया गया। अतः 1949 में विद्यालय स्वीकृति प्राप्त कर सका और ब्रितानी शिक्षाविदों, अभ्यासकर्ताओं तथा न्यूनीलैंड के रहने विद्वानों ने इसका निर्देशन किया (नश तथा मॅनफोर्ड, 2001)| 14 वर्षों के बाद 1964 में स्कूल ऑफ सोशल साइंस' के स्नातकों ने न्यूजीलैंड एसोशिएशन ऑफ सोशल वर्कर के निर्माण में नेतृत्व की भूमिका ग्रहण की। समाज कार्य शिक्षण प्रशिक्षण के मामले में परामर्श लेने के लिए 1973 में न्यूजीलैंड सोशल वर्क ट्रेनिंग काउंसिल की स्थापना की गई। व्यावसायिक मानक समाज कार्य योग्यता प्राप्ति हेतु परिषद ने संघर्ष किया किंतु उसे गहरे तक और विवादों के बीच कार्य करना पड़ा 1970 के दशक के माध्यम से व्यावसायिकों तथा मंत्रियों के बीच समाजकार्य के पाठ्यक्रम प्रशिक्षण को लेकर विवाद उद्भूत होने लगा था। 1975 में पैसे विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में समाज कार्य इकाई स्थापित की गई, जिसने प्रथम बार एक सुदूर में अंशकालिक अध्ययन हेतु स्नातक कार्यक्रम (बैचलर ऑफ सोशल वर्क) निरूपित किया। 1986 के पूर्व ऑकलैण्ड टीचर्स कॉलेज' ने भी एक व्यावसायिक समाज कार्य पाठ्यक्रम प्रारंभ किया। अनेक अन्य विकसित देशों के समान न्यूजीलैंड में समाजकार्य के इतिहास में अनेक संघर्ष पाए थे.