प्रवासन के कारक - Factors of Migration
प्रवासन के कारक - Factors of Migration
प्रवासन के प्रमुख कारक निम्न उल्लेखित है -
1. आर्थिक कारक-
सामान्य तौर पर सबसे अधिक जनसंख्या स्थानांतरण आर्थिक समृद्धि के कारण ही होता है। कृषि व्यवसाय, भूमि की अनुपलब्धता और जोतों का आकार आदि प्रवासन को प्रेरित करने वाले कारक हैं। लोगों की अवनति, आर्थिक दशाएँ और उनके निर्धनता की परिस्थिति उन्हें प्रवासन की ओर उन्मुख करती है। उद्योगीकरण एवं कृषि प्रधान देशों में अद्योगिक केंद्र और इसके साथ ही ग्रामीण दबाव भी इसके लिए मार्ग प्रशस्त करते हैं।
2. सामाजिक कारक-
आर्थिक कारकों की ही भांति सामाजिक कारक भी इसके लिए प्रमुख दशाएँ उत्पन्न करते हैं। महिला विवाह के पश्चात अपने पति के घर जाकर रहने लगती है यह सामाजिक कारक ही हैं, जो उसे प्रवासन के लिए विवश करते हैं। भारतीय समाज में एक निम्न सामाजिक आर्थिक स्तर पर जीवन यापन करने वाले लोग समान्यतः अधिक गतिशील होते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि उनके पास भूमि संपदा का अभाव होता है जिसके कारण वे किसी भौगोलिक बंधन में बंध नहीं पाते हैं।
3. जनसांख्यिकीय कारक -
जनसांख्यिकीय कारक भी प्रवासन के लिए आवश्यक दशाएं उपलब्ध कराते हैं। प्रवासी की आयु प्रवासन के लिए एक महत्वपूर्ण काम है। जनसंख्या में वृद्धि भी प्रवासन के लिए प्रेरित करती है। उत्तर प्रदेश और बिहार में होने वाला प्रवासन जनसंख्या की अधिकता और संसाधनों की पर्याप्त मात्रा में अनुपलब्धता के कारण ही होता है।
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