प्रवासन के परिणाम - Results of the Migration

इस सामाजिक प्रक्रिया के कारण प्रवासी प्रवासी गंतव्य क्षेत्र और प्रवास जनन क्षेत्र तीनों प्रभावित होते हैं। प्रवासन के परिणाम मुख्य रूप से चार होते हैं

प्रवासन के परिणाम - Results of the Migration

इस सामाजिक प्रक्रिया के कारण प्रवासी प्रवासी गंतव्य क्षेत्र और प्रवास जनन क्षेत्र तीनों प्रभावित होते हैं। प्रवासन के परिणाम मुख्य रूप से चार होते हैं.-


1. जनसांख्यिकीय प्रवासन से जनन क्षेत्र की जनसंख्या कम होती है जबकि गंतव्य क्षेत्र की जनसंख्या में बढ़ोतरी होती है। जनसंख्या के इस मात्रात्मक परिवर्तन के इतर गुणात्मक परिवर्तन अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। प्रवास प्रक्रिया से सभी जनसांख्यिकीय लक्षणों (यथा घनत्व वृद्धि आयु, लिंग, उत्पादकता, शिक्षा आदि) में परिवर्तन होता है। प्रवासन मुख्य रूप से आयु लिंग व तकनीकी कौशल पर निर्भर करता है और यह प्रवासीय प्रवृत्ति प्रायः नवयुवकों में अधिक परिलक्षित होती है। गंतव्य स्थान पर आजीविका हेतु जाने वाले प्रवासियों को बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और समायोजन हेतु अपेक्षाकृत उवा जनसंख्या अधिक उपयुक्त होती है। प्रवासन में आयु व लिंग संबंधी अनुपात में अंतरेखा जा सकता है। गंतव्य स्थान पर महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों के अनुपात में वृद्धि हो जाती है और इसके विपरीत जनन स्थान पर महिलाओं और वृद्ध लोगों के अनुपात में वृद्धि हो जाती है। इन घटनाओं के कारण जन्म दर व मृत्यु दर प्रभावित होता है। जनन क्षेत्र से तकनीकी रूप से कुशल व दक्ष लोगों के पलायन के कारण वहाँ की गुणवत्ता का पलायन होता है जिसे प्रतिभा पलायन के नाम से संबोधित किया जाता है। इससे गंतव्य स्थान की गुणवत्ता उच्च हो जाती है और जनन क्षेत्र की गुणवत्ता निम्न हो जाती है।


2. सामाजिक व सांस्कृतिक प्रायः लोग रोज़गार व आजीविका हेतु शहरों की ओर पलायन करते हैं। जिस मात्रा में लोग शहरों की ओर प्रवासन करते हैं, उस मात्रा में शहर की आधारभूत संरचना में परिवर्तन नहीं हो पाता इसका परिणाम यह होता है कि वहाँ रोज़गार के अवसर कम होने लगते हैं, जिससे समाज कल्याण, शिक्षा, आवास, स्वास्थ्य परिवहन आदि सुविधाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगता है। इसके कारण शहर में मलिन बस्तियों में वृद्धि होने लगती है और आपराधिक प्रवृत्तियों में भी बढ़ोतरी होने लगती है। इसके अलावा शहर में भीड़ व बेरोजगारों की संख्या में भी इजाफा होने लगता है।


प्रवासी व्यक्ति की अपनी संस्कृति व सभ्यता होती है, जिसे वह गंतव्य स्थान पर भी लेकर जाता है। चूंकि शहरों में भूमि के अभाव के कारण कई संस्कृतियों व क्षेत्रों और कई धर्मो जातियों, संप्रदायों मतों आदि के लोग एक साथ रहते हैं, जिसके कारण आए दिन उनमें द्वेष कलह आदि की घटनाएँ पटती रहती हैं। कनाडा में फ्रेंच व अंग्रेजी और दक्षिण अफ्रीका में डच व अंग्रेजी भाषी लोगों के मध्य झगड़े होते रहते हैं।



3. आर्थिक प्रवासन के कारण जनन व गंतव्य स्थानों में जनसंख्या व संसाधनों के मध्य व्याप्त हो जाता है। यदि लोगों का प्रवासन कम जनसंख्या व अधिक संसाधनों से संबंधित क्षेत्र की और होता है, तो इससे बहुत लाभ होता है। प्रवासी लोग जनन क्षेत्र को अपनी आय का कुछ भाग भेज देते हैं, जिसके कारण जनन क्षेत्र की आर्थिक उन्नति होती है। एक अन्य परिवर्तन यह होता है कि जनन क्षेत्र से नवयुवकों व कुशल लोगों का प्रवासन हो जाने के कारण वहाँ के संसाधनों का समुचित मात्रा में उपयोग नहीं हो पाता है।


4. शारीरिक प्रवासन में कई बार लोगों के विवाह हो जाते हैं। इससे नस्लीय परिवर्तन होने का डर रहता है। कई बार प्रवासन से लोग नई जगह पर सहज नहीं हो पाते हैं, कुछ लोगों को इसमें कुछ समय लगता है, तो कुछ लोगों में कुछ शारीरिक समस्याएँ पनपने लगती हैं। इसके अलावा गंतव्य क्षेत्र अथवा जनन क्षेत्र कि बीमारियों को फैलाने के लिए भी प्रवासन उत्तरदायी हो सकता है। विभिन्न बीमारियों, यथा मलेरिया, एड्स, स्वाइन फ्लू आदि के फैलाव का कारण प्रवासन ही है।