वैश्विक तथा राष्ट्रीय प्रासंगिक परिप्रेक्ष्य व्यवसाय - Social Work Profession at Global and National Level

वैश्विक तथा राष्ट्रीय प्रासंगिक परिप्रेक्ष्य व्यवसाय - Social Work Profession at Global and National Level

वैश्विक तथा राष्ट्रीय प्रासंगिक परिप्रेक्ष्य व्यवसाय - Social Work Profession at Global and National Level

समाज कार्य को एक पूर्ण विकसित एवं एकीकृत व्यवसाय कहा जा सकता है फिर भी यह वर्तमान समय में विवादास्पद बना हुआ है। संपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं में चाहे वे विकसित देश हो या विकासशील देश में जो क्षेत्र में कार्यरत है उनकी पहचानों तथा गतिविधियों में आज भी विभेद को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कुछ विन्यासों में ऐतिहासिक दृष्टि से उत्तरी अमेरिका तथा पश्चिमी यूरोपीय देशों में विकासों से प्रभावित प्रबलन, व्यक्तियों या छोटे समूहों के स्थान समाजकार्य हस्तक्षेप अत्यधिक है। तथा व्यापक स्तर पर फैले पर्यावरणीय शक्तियों पर हस्तक्षेप कम हैं।







सामाजिक कार्यकर्ताओं को इन उद्देश्योंके बीच संतुलन प्राप्त करना एक उच्च प्राथमिकता का विषय बना हुआ है। व्यक्ति तथा पर्यावरण के पारम्परिक प्रभाव शक्तिशाली ताकतों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन पर समाजकार्य हस्तक्षेपों में विचार किया जाना चाहिए। लोग अपने पर्यावरण से काफी प्रभावित होते हैं। हेयर ने इस संदर्भ में लिखा है कि लोगों में एक प्रदूषित नदी दमनात्मक सामाजिक नीतियों, एक विद्यालय या बच्चों की संस्था, कार्यस्थल या एक परिवार आदि में भी अपने अनुरूप पर्यावरण को या पर्यावरण को बदल सकने की क्षमता होती है। वस्तुतः ऐसा करने के लिए उनका सशक्तीकरण भी समाजकार्य का एक भाग है।






दि इण्टरनेशनल फेडरेशन ऑफ सोशल वर्कर्स ने मॅट्रियल कनाड़ा में 2000 में अपनी महासभा में समाजकार्य की नई अंतर्राष्ट्रीय परिभाषा की स्वीकृति हेतु मतदान द्वारा एक छ वर्षीय प्रक्रिया का समापन किया। इसकी विभिन्न गतिविधियों को परिभाषित करके तथा सामाजिक बातावरण में मानव व्यवहार के सम्मान पर निर्मित परिभाषा ने महत्वाकांक्षी सिद्धांतों के महत्व को संज्ञान में लेते हुए व्यवसाय के मूलभूत मूल्यों की पहचान की।






यह परिभाषा व्यक्तियों के साथ हस्तक्षेप को प्रोन्नत करती है, इसका कारण है कि ये अपने वातावरण के साथ मानवीय सामाजिक तथा भौतिक स्तरों पर अंतःक्रिया करते हैं तथा समाजकार्य मूलझान प्रक्रियाओं के रूप में, जन सशक्तीकरण तथा उदारता को प्रोत्साहित करती है। ब्राजील के शिक्षक पाओलो फ्रॉयर के योगदानों को उद्धृत करते हुए सामाजिक कार्यकर्ताओं को प्रोतलक्षित किया गया कि सामाजिक व्यवस्था के अंतर्गत सामाजिक, राजनीतिक तथा आर्थिक विरोधाभासों को अधिमान्य करने की शैली को वे सीखे तथा उसके अनुसार दमन के विरुद्ध कदम उठायें। इसका अर्थ समस्याओं का मूल्यांकन करना, सांस्कृतिक तथा वैयक्तिक विविधता का सम्मान करना तथा ऐसे प्रत्युत्तरों को विकसित करना, स्थानीय तथा सांस्कृतिक प्राथमिकताओं हेतु उचित हो अंगीकरण के समय वैश्विक सिद्धांतों को अंतर्योजित करना था। आई एफ एस. डब्ल्यू की यह परिभाषा तथा इसकी भाषा जो एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यदल द्वारा सावधानी के साथ शिल्पित थी इस प्रकार थी समाजकार्य व्यवसाय, सामाजिक परिवर्तन, मानवी संबंधों में समस्या निराकरण तथा जनसशक्तिकरण एवं उदारता को मानव कल्याण हेतु बढ़ाने के लिए प्रोन्स करती है। सामाजिक प्रणालियों के सिद्धांतों तथा मानव व्यवहार का उपयोग करते हुए समाजकार्य उन बिंदुओं पर हस्तक्षेप करता है, जहाँ लोग अपने पर्यावरण से अंत क्रिया करते हैं। मानवाधिकार तथा सामाजिक न्याय के सिद्धांत