बाल अधिकार और संविधान - Child Rights and Constitution
बाल अधिकार और संविधान - Child Rights and Constitution
भारतीय संविधान में बच्चों के मूलभूत अधिकारों पर विशेष बल दिया गया है, जिनमें बाल श्रम को रोकने के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। हमारे संविधान का अनुच्छेद 15 राज्यों की महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशिष्ट प्रावधान करने की शक्ति देता है। अनु 24 में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों एवं अन्य जोखिम पूर्ण कार्य में नियोजन का प्रतिरोध किया गया है। वहीं आर्थिक आवश्यकताओं की वजह से किसी व्यक्ति से उसकी क्षमताओं से परे काम करवाने का अनु (ई.-एफ) प्रतिरोध करता है। अनु 45 के द्वारा बालकों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान उपलब्ध कराने का राज्य को निर्देश दिया गया है।
भारतीय संसद के द्वारा इन संवैधानिक व्यवस्थाओं के तहत 1974 में एक राष्ट्रीय नीति स्वीकार की गई, जिसने घोषित किया कि बच्चों की उपेक्षा क्रूरता और शोषण से रक्षा की जाएगी और 14 वर्ष से कम का कोई भी बालक जोखिमपूर्ण व्यवसाय वा भारी कार्य में नहीं लगाया जायेगा। 14 वर्ष की कम उम्र का व्यक्ति फैक्ट्री एक्ट 1948 के तहत रोजगार नहीं कर सकता है। बागान एक्ट 1951 तथा खान एक्ट 1952 के तहत 15 वर्ष की उम्र में कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है। कुछ प्रमुख अधिनियम अनुबंधित श्रमिक अधिनियम 1975, बाल श्रमिक (निवारण और नियमितीकरण) 1986 तथा 1987 की राष्ट्रीय बाल श्रम नीति के अंतर्गत बाल श्रमिकों को शोषण से बचाने और उनकी शिक्षा, चिकित्सा, मनोरंजन तथा सामान्य विकास पर जोर देने की व्यवस्था की गई।
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