विकास की परिभाषा - Definition of Development

विकास की परिभाषा - Definition of Development

विकास को परिभाषित करते हुए विश्व बैंक ने बड़ी विस्तृत चर्चा की है। विश्व के सभी देशों को तीन भागों में बांटा गया है। विकसित, विकासशील एवं अविकसित देशा किसी भी राष्ट्र को विकसित राष्ट्र का दर्जा हासिल करने के लिए कई मानकों पर खरा उतरना पड़ता है। प्रथम है आर्थिक प्रगति प्रति व्यक्ति आय में लंबे समय तक वृद्धि होनी चाहिए तथा गरीबी में निरंतर गिरावट आनी चाहिए। निजी क्षेत्र खासकर निजी उद्योगों को युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए मुख्य भूमिका निभानी होती है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी जैसी आधारभूत सुविधाएँ सभी नागरिकों को सामान रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। यही नहीं शिक्षा और स्वास्थ्य में प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत समय और धन निवेश करने की क्षमता होनी चाहिए। हर नागरिक की भागीदारी होनी चाहिए, उन निर्णयों में जो उसके जीवन को प्रभावित करते हैं।

सुशासन एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है विकसित देश होने के लिए जहाँ का प्रशासन सक्रिय हो, सरकारी और निजी क्षेत्रों में उचित सामंजस्य हो, कानून व्यवस्था का शासन सामाजिक सुरक्षा हो। विकास को लेकर देश की अपनीस्वय की एक योजनाबद्ध रूपरेखा होनी चाहिए। विज्ञान और तकनीक में प्रगति के बिना विकास के सपने देखना बेमानी भारत जैसे अधिक जनसंख्या वाले देश को आर्थिक प्रगति करने के लिए उद्योग और कृषि के क्षेत्र में उन्नत तकनीक चाहिए। विज्ञान की मदद से तकनीक आधुनिक होती है खोजों तथा प्रयोगशालाओं में निवेश सेविज्ञान में विकास होता है। इन खोजों के लिए युवाओं को उच्च शिक्षा के अवसर चाहिए। स्पष्ट है कि किसी भी देश का विकास तभी संभव है जब उस देश के प्रत्येक नागरिक स्वस्थ्य और शिक्षित हो और ये हितकारी अर्थव्यवस्था के तभी संभव है, जब उस देश के प्रत्येक नागरिक स्वस्थ्य और शिक्षित हो और ये हितकारी अर्थव्यवस्था के तहत ही संभव है।