मौलिक अधिकार - Fundamental Rights
मौलिक अधिकार - Fundamental Rights
भारतीय संविधान के तीसरे भाग में मौलिक अधिकार अंकित हैं। हम कह सकते हैं कि मानव अधिकारों को सुरक्षित करने के हेतु ही मौलिक अधिकार अधिसूचित किए गए हैं। राज्य का कोई भी कार्य ऐसा नहीं हो सकता है जो मौलिक अधिकारों के विरुद्ध हो। भारतीय संविधान में देश के सभी नागरिकों के लिए मौलिक अधिकारों की बात की गई हैं साथ ही उनके कुछ कर्तव्य भी सुनिश्चित किए गए हैं। अगर हमारे मौलिक अधिकारों का हनन होता है तो हम व्यक्ति तथा सरकार के विरुद्ध भी न्यायालय में न्याय की मांग कर सकते हैं। संविधान में वर्णित मौलिक अधिकार निम्न है -
● समानता का अधिकार
● स्वतंत्रता का अधिकार
● शोषण के विरुद्ध अधिकार
● धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
● सांस्कृतिक और शिक्षण का अधिकार
● संविधान में संशोधन का अधिकार
● कुछ क़ानूनोंनियमों की रक्षा का अधिकार
भारतीय संविधान के तीसरे अध्याय के अनुच्छेद 12-35 में बताए गए मौलिक अधिकारों को विस्तृत रूप में देखा जा सकता है।
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