स्वास्थ्य - Health
स्वास्थ्य - Health
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्य रोग का न होना था अशक्तता मात्र नहीं है, बल्कि पूर्ण शारीरिक, मानसिक और सामाजिक वकुस्ती की स्थिति है। पिछले कई वर्षों से इस परभाषा का विस्तार हुआ, जिसमें सामाजिक व आर्थिक रूप से गुणकारी जीवन व्यतीत करने की क्षमता को सम्मिलित किया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रमुख तीन मापदंड डॉपर विचार किया है.
1. शारीरिक मापदंड यह समझना बहुत सरल है कि शारीरिक स्वास्थ्य की स्थिति संपूर्ण क्रियाकलापों के विचार में निहित है। व्यक्ति में अच्छे स्वास्थ्य के संकेत हैं अच्छा रंग अच्छे बाल चमकती आँखें, स्वच्छ त्वचा, अच्छी सांस, तंदुरुस्त शरीर, गाढ़ी नींद अच्छी भूख, अच्छी पाचन शक्ति, सरल सहायक, शारीरिक गतिविधियाँ, शरीर के सभी अव्यव जो कि सामान्य आकार कार्य वाले हैं- संपूर्ण चेतना, नाड़ी की गति, रक्तचाप व सहनशीलता, ये सभी व्यक्ति की आयु व लिंग के अनुसार सामान्यता की स्थिति में आते हैं। यह सामान्यता की स्थिति एक विस्तृत सीमा लिए हुए है। यह सामान्य स्थिति अप्रभावित स्वस्थ लोगों के जो किसी भी बीमारी से पीड़ित नहीं निरीक्षण के पश्चात स्थापित की गई है।
2. मानसिक मापदंड मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक दूसरे से जुड़े हैं। यह केवल मानसिक बीमारी की अनुपस्थिति नहीं है। अच्छा मानसिक स्वास्थ्य जीवन के बहुत से अनुभवों को बताने की योग्यता रखता है। निम्न मानसिक स्वास्थ्य अच्छे शरीर को तो प्रभावित करता है, इसके अतिरिक्त मानसिक कारक भी विचारपूर्ण है जो कि अतिरक्तचाप, अस्थमा, शारीरिक अव्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।
3. सामाजिक मापदंड एक व्यक्ति के लिए अपने इतर अन्य के प्रति अच्छी व्यवहार कुशलता सौहार्दपूर्ण विकास हेतु आवश्यक है। एक समुदाय का सामाजिक स्वास्थ्य उन्नति, चिंतन विचारों और दूसरों के प्रति सहानुभूति जैसे कारकों पर निर्भर करता
उपर्युक्त परिभाषा के आधार पर हम समझ सकते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार स्वास्थ्यका अर्थ किसी बीमारी या कमज़ोरी का न होना मात्र नहीं है। यह शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से पूर्ण स्वस्थ्य होने का नाम है। स्वास्थ्य प्रत्येक व्यक्ति की आधारभूतजरूरत एवं मौलिक अधिकार है।
वार्तालाप में शामिल हों