विकास का महिलाओं पर प्रभाव - Impact of Development on Women

विकास का महिलाओं पर प्रभाव - Impact of Development on Women

तत्कालीन भारत में निर्धनता बहुतायत मात्रा में विद्यमान थी। इसके साथ ही साथ औद्योगिक क्षेत्र भी अपेक्षाकृत छोटा था, जिसके कारण उत्पादन भी न्यून था। पूंजी का अभाव था जिसके कारण विकसित देशों की सहायता लेना जरूरत भी थी और मजबूरी भी। बहरहाल समस्याओं के निवारण हेतु कुछ कार्यक्रमों का नियोजन किया गया। हालांकि इन कार्यक्रमों की आलोचनाएँ की गई क्योंकि ये रोजगारपरक नहीं थे। इसके अतिरिक्त गरीबी निवारण कार्यक्रम के बारे में लोगों में जागरूकता का अभाव था। वे कार्यक्रम लिंग से संबंधित भेदभाव से ग्रसित थे।

इसमें महिलाओं द्वारा किए जाने वाले उन्हीं कार्यों को शामिल किया गया था, जिनके लिए धन का भुगतान किया जाता है। इस भेदभाव ने लिंग के आधार पर श्रम विभाजन को जन्म दिया और महिलाओं को परिवार व शिशुओं की देखभात का काम दिया गया और बाहर के कार्यों (चाहे वह सामाजिक हो, आर्थिक हो अथवा राजनीतिक हों) से वंचित कर दिया गया। पुरुषों और पुत्रों को प्राथमिकता दी जाने लगी और महिलाओं व लड़कियों के विरुद्ध शिक्षा पोषण, स्वास्थ्य आदि में विभेद किया जाने लगा। परिवार नियोजन कार्यक्रमों ने महिलाओं को प्रजनन के साधन के रूप में माना और उनसे गर्भनिरोध व गर्भनियंत्रण के उपाय करने को कहा।

भारत में नई आर्थिक नीति 1991 में उदारीकरण, निजीकरन और भूमंडलीकरण के सिद्धांतों के साथ नियोजित की गई। विश्व बैन की रिपोर्ट ने उदारीकरण के संदर्भ में लिंग और गरीबी पर महिलाओं की कौशलों और प्रौद्योगिकी आदि में पहुंच बढ़ाने के लिए कुछ उपाय प्रस्तुत किए हैं। परंतु इसके बावजूद रिपोर्ट में घर अथवा बाहर लिंग आधारित श्रम विभाजन अथवा शक्ति संबंधों के बारे में किसी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं की गई है। यह इस तथ्य को तो स्पष्ट करती है कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि हुई है और इसमें इस बात पर भी बल दिया गया है कि उन्हें बाजर में प्रविष्ट होना चाहिए। बाजार मात्र सिद्धांत ही लिंग से प्रभावित नहीं है अपितु यह अल्पसंख्यक हाशिए के समूह महिलाओं आदि के का शोषण करता है।

बाजार लाभ की दिशा में संचरित होता है और इसी कारण चाहे महिला हो अथवा पुरुष, वह विक्रय की वस्तु के अतिरिक्त कुछ और नहीं रह जाता। महिलाओं को वस्तुएँ और वस्तुओं को के लिंग मुलात्मक स्वरूप दे दिया जाता है। वह बाजार के संदर्भ में महिला को व्यक्तिवादी और सफल सारगर्भित करते हैं, परंतु ऐसा वे सही मात्रा में आकर्षण के साथ करते हैं।