मानव विकास के संकेतक - Indicators of human development
मानव विकास के संकेतक - Indicators of human development
जीवन की गुणवत्ता और मानव के अभावबोध को तुलनात्मक रूप से मापना सरल नहीं है परंतु संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा निर्मित मानवविकास सूचकांक का प्रयोग इसके लिए किया जाता है। मानव विकास के मापन हेतु आवश्यक प्रमुख संकेतक निम्न हैं -
1. जीवन प्रत्याशा एक निश्चित की गई उम्र के पश्चात जीवन में बचे शेष वर्षों की औसत संख्या ही जीवन प्रत्याशा है अर्थात जीवन प्रत्याशा किसी व्यक्ति विशेष के औसत जीवनकाल का अनुमान है। उच्च शिशु मृत्यु दरसे संबंधित देशों में जन्म के समय जीवन प्रत्याशा जीवन के पहले कुछ वर्षों में होने वाली उच्च मृत्यु की दर के प्रति अति संवेदनशील होती है।
2. साक्षरता दर किसी देश अथवा राज्य के कुल लोगों की जनसंख्या व पढ़े लिखे लोगों के अनुपात को साक्षरता दर कहा जाता है। समान्यतः इसे प्रतिशत में प्रदर्शित किया जाता है परंतु कभी-कभी साक्षरता दर को प्रति-कोटि (हर हजार पर) भी प्रदर्शित किया जाता है।
3. जन्म दर एक कैलेंडर वर्ष में प्रति सहस जनसंख्या में पटित होने वाली लेखबद्ध जीवित संख्या ही जन्म दर (CBR) है। एक देश की वास्तविक स्वास्थ्य दशा की जानकारी के
लिए तथा उसके विकास अथवा अवनति को जानने के लिए यह आवश्यक होता है ।।
4. मृत्यु दर जन्म दर के विपरीत एक कैलेंडर वर्ष में प्रति सहस्र जनसंख्या में पटित होनेवाली लेखबद्ध मृत संख्या ही मृत्यु दर (CDR) है |
5. शिशु मृत्यु दर शिशु मृत्यु दर IMR) प्रति सहस्रजीवित जन्मे शिशुओं से एक वर्ष या इससे कम उम्र में मृत गये शिशुओं की संख्या है। मैत्री
सामाजिक व मानव विकास के बारे में वर्णन प्रस्तुत किया गया है। सामाजिक विकास के निर्धारक व संकेतकों पर प्रकाश डाला गया है और साथ ही साथ मानव विकास के विभिन्न आयामों व संकेतकों को भी प्रस्तुत किया गया है।
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