सामाजिक कार्य और मानव अधिकार - Social Work and Human Rights

सामाजिक कार्य और मानव अधिकार - Social Work and Human Rights

सामाजिक कार्य एक शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विधा है जो अनुसंधान नीति, सामुदायिक संगठन एवं अन्य विधियों द्वारा लोगों एवं समूहों के जीवनस्तर को उन्नत बनाने का प्रयत्न करता है। सामाजिक कार्य का अर्थ है सकारात्मक, सुचिंतित और सक्रिय हस्तक्षेप के माध्यम से लोगों और उनके सामाजिक माहौल बीच अंतक्रिया प्रोत्साहित करके व्यक्तियों की क्षमताओं को बेहतर करना ताकि वे अपनी जिंदगी की जरूरतें पूरी करते हुए अपनी तकलीफ़ों को कम कर सकें। इसतरह सामाजिक कार्य लोगों की आकाक्षाओं की पूर्ति करने और उन्हें अपने हो मूल्यों की कसौटी पर खरे उतरने में सहायक होता स पूरी प्रक्रिया के दौरान एक सामाज कार्य कार्यकर्ता अपने सेवार्थों के साथ इस तरह काम करते हैं कि उनके मानव अधिकारों की रक्षा भी हो और मौलिक अधिकारों की भी रक्षा हो। (नेशनल एसोसिएशन ऑफ सोशल वर्कर्स, 2000) ने अपने नीति कथन इंटरनेशनल पॉलिसी ऑन ह्यूमन राइट्स में उन सार्वभौमिक घोषणा पत्र, सम्मेलनों और संधियों का समर्थन किया है जो सामाजिक कार्यकर्ताओं के राष्ट्रीय संगठन के अनुसार, सामाजिक कार्य के लिए मानव अधिकारों की रूपरेखा प्रदान करते हैं।


मानव अधिकार और मानव की प्रतिष्ठा समाज कार्य का सिद्धांत मनुष्यों को स्वावलंबन प्रदान करने का प्रयास करता है जिसके माध्यम से एक सामाजिक कार्यकर्ता अपने सेवाधी को उसके अधिकारों से रूबरू करता है ताकि सेवार्थी अपने अधिकारों को समझ सके और अपने अधिकारों की सुरक्षा खुद कर सकें। एक सामाजिक कार्यकर्ता व्यक्ति के गरिमामयी जीवन के लिए उस व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक तथा आर्थिक सुरक्षा के लिए कार्य करता है, जिसके माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ता लोगों के आत्मसम्मान के अधिकारों को बढ़ावा देते हैं, विशेषकर उन समूहों पर जिसका सशक्तीकरण नहीं हुआ है, ताकि समाज के सभी वर्ग, समुदाय तथा संप्रदाय का विकास हो सकें और समाज के प्रत्येक व्यक्ति अपनी प्रतिष्ठा से जीवनयापन कर सकें।