महिलाओं की स्थिति - Status of Women

महिलाओं की स्थिति - Status of Women

महिलाओं की स्थिति में ध्वधर परिवर्तन लाने हेतु कई प्रयास किए गए है चाहे वे प्रयास सरकारी हो अथवा गैर सरकारी हो। इसके बावजूद महिलाओं की स्थिति में क्रांतिकारी परिवर्तन अभी तक नियोजित नहीं हो पाए हैं। हालांकि स्थिति में थोड़ा-बहुत सुधार अवश्य आया है, परंतु यह सुधारहर जगह नहीं हुए हैं और ना हर स्तर पर किसी तरह के किसी काम से कोई बुराई नहीं है, परंतु इस श्रम विभाजन के कारण बहुत सी लड़कियों की प्रतिभा दबी रह जाती है और धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है। वहीं दूसरी ओर बहुत से लड़के मानसिक विकृतियों के शिकार हो जाते हैं। यह सुनने में बहुत ही अव्यवहारिक है, किंतु सामान्यतया छोटे लड़कों को यह कहकर चुप करा दिया है कि मर्द रोते नहीं, हम उनसे भावनात्मक बातें नहीं करते, जिससे वे अन्दर ही अंदर घुटते रहते हैं कुछ लड़कों का स्वभाव भावुक होता है और वे अक्सर अपनी बात कहकर इसलिए नहीं रो पाते कि वे हँसी का पात्र बनेंगे। सार रूप में जेंडर आधारित भेदभाव न केवल महिलाओं को अपितु, पुरुषों को भी एक पूर्वनियोजित संरचनामें जीवन बसर करने के लिए विवश कर देता हो।