मानव अधिकारों की तीन पीढ़ियाँ समाज कार्य का स्थान - Three Generations of Human Rights Place of Social Work
मानव अधिकारों की तीन पीढ़ियाँ समाज कार्य का स्थान - Three Generations of Human Rights Place of Social Work
मानव अधिकार समय के साथ विकसित हुए ऐसे अधिकार है, जिसे अंतर्गत प्रत्येक मानव के लिए समान अधिकार का प्रावधान किया जाता है। मानव अधिकारों को व्यापक रूप से तीन समूहों अथवा तीन पीढ़ियों के रूप में विकसित माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि मानव अधिकार के विकास क्रम तीन धाराओं मेरहा है, जिसमें प्रत्येक धारा में विशिष्ट प्रमुख धाराएँ थी जिसे हम निम्न सारणी में देख सकते.
पहली पीढ़ी
नागरिक और राजनैतिक
अधिकार
उदारवाद
दूसरी पीढ़ी
आर्थिक, सामाजिक और
सांस्कृतिक अधिकार समाजवाद, सामाजिक रोजगार, पर्याप्त आय,
सामाजिक सुरक्षा आदि के अधिकार
प्रजातंत्र
वोट देने,
अभिव्यक्ति की शिक्षा,
आवास,
स्वास्थ्य,
स्वतंत्रता निष्पक्ष व्यवहार,
उत्पीड़न दुर्व्यवहार से मुक्ति भेदभाव से मुक्ति कानूनी सुरक्षा
विधिक क्लीनिक एमनेस्टी इंटरनेशनल ह्यूमन वाच स्टेट,
तीसरा क्षेत्र निजी शरणागत कार्य विधि कानून वकालत शरणागत कार्य प्रत्यक्ष सेवा, हितकारी शरण स्थान की तलाश करने वाले कैद सुधार, आदि विकास और वकालत
हितकारी राष्ट्र वेलफ़ेयर सामाजिक कार्य राष्ट्र का प्रबंधन नीति अनुसंधान
तीसरी पीढ़ी
सामूहिक अधिकार
आर्थिक विकास अध्ययन
हरित आदर्शवाद
आर्थिक विकास और समृद्धि,
आर्थिक वृद्धि से हितों सामाजिक सौहार्द स्वस्थ पर्यावरण,
स्वच्छ वायु आदि के अधिकार आर्थिक विकास संस्थाएँ सामुदायिक परियोजनाएँ ग्रीनपीस आदि
सामुदायिक विकास सामुदायिक
सामाजिक, राजनैतिक,
विकास, आर्थिक,
सांस्कृतिक,
पर्यावरणीय व्यक्तिगत आदि
उत्पत्ति
उदाहरण
संस्था
प्रभावी व्यवसाय सामूहिक कार्य
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