बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 - Child Labor Prohibition and Regulation Act 1986

बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम 1986 - Child Labor Prohibition and Regulation Act 1986

जैसे कि हम जानते हैं कि कई कारखानों में नियोक्ता सस्ते श्रम के लिए बालकबालिकाओं कोकाम पर सखते हैं, हालांकि यह उनके पढ़ने लिखने का समय होता है; ऐसे में उनके वैयक्तिक अधिकारों का हनन होता है। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए बाल श्रम प्रतिनिषेध एवं विनियमन अधिनियम की आवश्यकता महसूस की गई जिसे मूर्त रूप 1986 में मिला। इस अधिनियम के लागू हो जाने पर पिछला विधान अर्थात बाल रोजगार अधिनियम 1939 निरस्त कर दिया गया।


 इस अधिनियम के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित


● विशिष्ट व्यवसाय और प्रक्रमों में ऐसे बच्चों को रोजगार देने की मनाही है जो 14 वर्ष की आयु से छोटे हैं।


ऐसे रोजगार, जहां काम करने की मनाही नहीं है वहां बच्चों की कार्य दशाओं को अधिनियम विनियमित करता है।


• प्रतिबंधित श्रेणी के अंतर्गत ऐसे अन्य व्यवसायों को शामिल करने की कार्यविधि का निर्धारण करना तथा


• अधिनियम का उल्लंघन करने वालों पर लगाए जाने वाले दडों का निर्धारण करना मुख्य विशेषताएं


बच्चों की कोमल आयु और सामर्थ्य को ध्यान में रखने हुए अधिनियम ऐसे व्यवसायों और प्रक्रमों जो हानिप्रद और असुरक्षित है उनमें ऐसे बच्चों के शामिल होने पर रोक लगाता है, जिन्होंने चौदह वर्ष की आयु पूरी नहीं की है। इस विषयवस्तु को भली-भांति समझने के लिए निम्नलिखित रूप में सुरक्षित व्यवसायों और प्रक्रमों को विनिर्दिष्ट किया गया है। स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राज्य या केंद्रीय सरकार अर्थात कोई भी उपयुक्त सरकार स्थापना की प्रकृति को ध्यान में रखकर सरकारी गॅजट में सूचना जारी करके रोजगारशुदा बच्चों के स्वास्थ और सुरक्षा के लिए नियम बनाती हैं या किसी ऐसी जगह जगहों पर काम करने की अनुमति प्रदान करती है।


अपराध एवं जुर्माना


इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन कर बच्चों को रोजगार देने के मामलों में तीन माह से लेकर एक वर्ष तक की सजा या 10000 रुपये से 20000 रुपये या सजा एवं जुर्माना अर्थात दोनों किए जा सकते है। यदि इसी अपराध को दोहराया जाता है तो छह महीने से दो वर्षों तक की सजा का निर्धारण है। अपराध दोहराने वाले को और अधिक समय के लिए जेल हो सकती है, लेकिन इस मामले में जुर्माना पहले जैसा ही होगा। इसके अलावा रजिस्टर के रखरखाव या नोटिस देने की क्रियाविधि का यदि उल्लंघन किया जाता है, तो अपराधी को एक महीने की साधारण कैद और 10000 रुपये का जुर्माना हो सकता है। हाल ही में आधिकारिक बाल श्रम (प्रतिबंध और नियमन) बिल 2012 के संशोधनों से बाल श्रम (प्रतिबंध और नियमन) बिल, 1986 में कई तरह के संशोधन शामिल किए गए हैं जिसमें प्रमुख यह हैं कि निषेध ऐसे बच्चों पर लागू नहीं होगा, जो अपने परिवार या पारिवारिक उद्यम (जो जोखिम वाला व्यवसाय या प्रक्रिया न हो) को मदद देने के लिए स्कूल की पढ़ाई होने के बाद या छुट्टियों के दौरान काम करते हैं।