घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 - Domestic Violence Act 2005

घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 - Domestic Violence Act 2005

धारा 2 (छ) एवं 3 के अनुसार शारीरिक दुर्व्यवहार अर्थात शारीरिक पीडा अपहानि या जीवन या अंग या स्वास्थ्य को खतरा या लैगिंग दुव्र्व्यवहार अर्थात महिला की गरिमा का उल्लंघन अपमान या तिरस्कार करना या अतिक्रमण करना या मौखिक और भावनात्मक दुव्र्व्यवहार अर्थात अपमान, उपहास, गालीगलौच करना या आर्थिक दुर्व्यवहार अर्थात आर्थिक या वित्तीय संसाधनों जिसकी वह हकदार है. से वंचित करना ये सभी घरेलू हिंसा कहलाते हैं।


घरेलु हिंसा अधिनियम 2005, जिसके तहत वे सभी महिलाएं जिनके साथ किसी भी तरह घरेलु हिंसा की जाती है, उनको प्रताड़ित किया जाता है, वे सभी पुलिस थाने जाकर एफआईआर दर्ज करा सकती है और पुलिसकर्मी बिना समय गवाएं प्रतिक्रिया करेंगे।