विकास की अवधारणा - Concept of development
विकास की अवधारणा - Concept of development
(आर्थिक गैर आर्थिक आदि बहुआयामी) विकास की अवधारणा को स्पष्ट किया गया है, जो ग्राम विकास को समझने में सहायता करती है। ग्राम विकास के विषय को हाल के वर्षों में गंभीरता से किया गया है। ऐसा विकास संबंधी मुद्दों को समझने के प्रयास के परिणामस्वरूप हुआ है। संपूर्ण विकास की प्रक्रिया को ग्राम विकास के केंद्र में रखकर तीव्र किया जा सकता है। हमारे देश में ग्राम विकास की दिशा आवश्यक रूप से ग्रामीण आवश्यक क्षेत्रों के एकीकृत विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समाज रूपांतरण तथा आधुनिकीकरण एवं गरीबी उन्मूलन की ओर होनी चाहिए। इस विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न कार्यनीतियों एवं योजनाओं तथा कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यवस्था का विशेष महत्व हो जाता है। साथ ही सत्ता के विकेंद्रीकरण और विकास संबंधी गतिविधियों में जनता की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। इस इकाई में ग्राम विकास से संबंधित मुद्दों की चर्चा की गई है।
कुछ देश अन्य देशों की तुलना में अधिक विकसित समझे जाते है। विकसित देशों की तुलनमें अल्प विकसित देशों से मिलने वाले संदर्भ असामान्य नहीं है। अपने ही देश के कुछ राज्य अन्य राज्यों की अपेक्षा अधिक विकसित कहे जाते हैं। स्पष्टतः विकास के संबंध में सापेक्ष तुलना की आवश्यकता पड़ती विकास जीवन के भौतिक गुणवत्ता में पूर्ण सकारात्मक परिवर्तन को सूचित करता है। इस सकारात्मक परिवर्तन में आर्थिक और सामाजिक पक्ष शामिल है, अतएव विकास मात्र आर्थिक वृद्धि की ही नहीं बल्कि आर्थिक संवृद्धि से सृजित लाभों के समान वितरण की भी मांग करता है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो विकास का अर्थ, अर्थिक संवृद्धि का न्यधपूर्ण वितरण है इसका तात्पर्य है कि बेहतर स्वास्थ शिक्षा, उचित आवास, संपूर्ण भौतिक जीवन और सामाजिक कल्याण के माध्यम से जीवन स्तर में सुधार है।
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