भारतीय जनजातियों का आर्थिक संगठन - Economic Organization of Indian Tribes

भारतीय जनजातियों का आर्थिक संगठन - Economic Organization of Indian Tribes

भारतीय जनजातियों का आर्थिक संगठन विश्व के अन्य भागों के आदिम आर्थिक संगठनों से भिन्न है। बुनियादी तौर पर उनकी अर्थव्यवस्था आधारभूत जीविका निर्वाह की आवश्यकताओं को संतुष्ट करने की दृष्टि से चलाई जाती है। प्रत्येक जनजाति विविध आर्थिक क्रियाओं के माध्यम से अपना जीवन व्यतीत करती हैं। उनके उत्पादन उपभोग को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित की जा सकती हैं..

1. खाद्य संग्रहकर्त्ता व शिकारी


2. झुम कृषक


3. कृषक


4. पशुपालक 


5. शिल्पकार


6. औद्योगिक श्रमिक