किशोरी बालिका योजना - Kishori Balika Yojana
किशोरी बालिका योजना - Kishori Balika Yojana
एकीकृत बाल विकास योजना के उद्देश्य से महिला और बालक को एक अनिवार्य पटक के रूप में महत्व दिया जाता है। एकीकृत बाल विकास सेवा में 507 प्रखंडों में 11-18 आयु वर्ग में विशेष रूप से विद्यालय का परित्याग कर चुकी 3.5 लाख किशोरियों के लिए स्वास्थ्य, पोषण आदि सेवाओं का विस्तार किया गया है। किशोरी बालिका योजना बिहार राज्य के 74 विकास खंडों में नियोजित की गई है इसके प्रमुख उद्देश्य निम्न है
1. 11-18 आयु वर्ग की किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य स्तर में सुधार करना।
2. अनौपचारिक शिक्षा के जरिये किशोरियों को अक्षर और अंक ज्ञान प्रदान करना तथा सामाजिक
ज्ञान व निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करना।
3. घरेलू कार्यकुशलता को सुधारने और संवर्धित करने हेतु किशोरियों को प्रशिक्षण देना।
4. परिवार कल्याण, पोषण, स्वास्थ्य स्वच्छता गृहप्रबंध और देखरेख से जुड़ी जानकारियों को बढ़ावा देना। ज्ञान शाति
5. किशोरियों के विवाह की उम्र को 18 वर्ष की आयु अथवा उससे अधिक आयु में सुनिश्चित करना। इसके लिए आगनबाड़ी और महिला मंडल जैसे संगठनों की मदद ली जा सकती है। इस योजना की पात्रता हेतु कुछ मापदंडों को निर्धारित किया गया है ग्रामीण क्षेत्रों की 11-18 आयु वर्ग की अविवाहित किशोरियों और 6400 रुपये से कम आमदनी वाले परिवारों से संबंधित किशोरियों को इस योजना का लाभ प्राप्त हो सकता है।
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