भारतीय पुनर्वास परिषद - Rehabilitation Council of India
भारतीय पुनर्वास परिषद - Rehabilitation Council of India
भारतीय पुनर्वास परिषद को वर्ष 1992 में संसद के एक अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था।
पुनर्वास परिषद व्यावसायिकों और कार्मिकों के प्रशिक्षण का नियमन और इसको मॉनीटर करती है तथा पुनर्वास एवं विशेष शिक्षा में अनुसंधान को प्रोत्साहित करती है। साथ हंविशेष योग्यता वाले व्यक्तियों के पुनर्वास और अनुरक्षण के लिए प्रशिक्षण और व्यावसायिक उपकरण उपलब्ध कराती है।
इस इकाई में हमने वृद्धों तथा विशेष योग्यता वाले समूहों के सामाजिक हितों का संरक्षण करने तथा उनके जीवन के बेहतरी के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर पारित अधिनियमों को समझा है। हमने देखा कि बदली हुई मानसिकता के अनुसार अपंगों को देखने का नजरिया भी बदलता गया है शुरुआत में अपंग, निःशक्तजन तथा अपाहिज जैसे शब्दावली का उपयोग किया गया था, किंतु बाद में अधिनियमों में संशोधनों के अंतर्गत विशेष योग्यता जन तथादिव्यांग जैसे पदावली का उपयोग होता हुआ नजर आ रहा हैं।
दूसरी ओर हमने देखा कि दिनप्रतिदिन बुजुर्गों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है इस कारण उनकी समस्याएं आज केंद्र में हैं। नए दृष्टिकोणों के कारण सामाजिक अधिनियमों में भी काफी बदलाव तथा संशोधन लगातार जारी है। परिणामतः बुजुर्गों के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण को बदलने में यह अधिनियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आते हैं।
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