महिला सशक्तिकरण व सशक्तिकरण नीतियाँ - Women Empowerment and Empowerment Policies

महिला सशक्तिकरण व सशक्तिकरण नीतियाँ - Women Empowerment and Empowerment Policies

महिला सशक्तिकरण एक बहुआयामी व बहुमुखी नीति है जो महिला उन्मुखी होती है। इसका अभिप्राय एक ऐसी शक्ति से है, जो महिलाओं को सामाजिक आर्थिक, राजनैतिक व कानूनी रूप से विचार विमर्श करने हेतु मार्ग प्रशस्त कर सका महिला सशक्तिकरण का तात्पर्व है हीनता की सरचना कानून अधिकार, संपत्ति आधिपत्य के स्वरूप व अन्य सभी गतिविधियाँ, ओ पुरुष के स्वामित्व को बनाए रखने में उपयोगी होती हैं, उन सभी में पूर्णरूपेण परिवर्तन करना। इस नीति के अंतर्गत सशक्तिकरण की प्रक्रिया के तहत महिलाओं में संगठन निर्माण व चेतना जागृति पर फोकस किया गया है

और इसके संवर्धन के लिए सरकार द्वारा सामाजिक व आर्थिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी सरकारी परिप्रेक्ष्य में महिला सशक्तिकरण का मूल प्रयोजन महिलाओं को स्वयं की समस्याओं अति जागरूक करना तथा उसके आधार पर उन्हें संगठित करना जहाँ वे अपनी दशाओं के बारे में चितनमनन कर सकें व साथ ही साथ संगठित होकर पुरुषों की सत्ता को चुनौती और स्वयं के विकास में योगदान दे सके। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सरकार द्वारा कई कार्यक्रम चलाए गए यथा महिला विकास कार्यक्रम (1984), चेतना जागरण कार्यक्रम (1986), महिला समाळ्या (1989) आदि इन कार्यक्रमों में प्रमुखतया तीन बातों पर जोर दिया गया।


1. लिंग आधारित संबंधों के दमनात्मक ढांचे को उजागर करना। 


2. लिंग आधारीत असमान संबंधों को चुनौती देना।


3. सामाजिक संबंधों में महिलाओं की भागीदारी से ही उनके स्वयं के पक्ष में परिवर्तन लाना।