मूक-बधिर - Deaf mute
मूक-बधिर - Deaf mute
मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है वह अकेला नहीं रह सकता। उसे अन्य व्यक्ति से संबंध स्थापित करने के लिए भाषा प्राप्त है। इस भाषा के मौखिक व्यवहार से व्यक्ति मनोभावों और अनुभूतियों को अभिव्यक्त करता है। वाणी द्वारा वह प्राकृतिक दृश्यों तथ्यों और घटनाओं को प्रकट करता है। इस मौखिक अभिव्यक्ति की सिद्धि वाक् शुद्धता पर निर्भर करती है। वाक कमजोरी के अंतर्गत अस्पष्ट उच्चारण असंगत ध्वानि, हकलाना, तुतलाना तथा ध्वनि उत्पन्न न कर पाना आदि व्यवहार सम्मिलित है। 'बधिर वह है, जिसमें सुनने की शक्ति सामान्य कार्यों के लिए सहायक नहीं होती है या जो अपने व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए सुन नहीं पाता और दोनों कानों से बहरा है। बधिरता के कारण बालक/बालिका वाक् शक्ति का भी विकास नहीं कर पाता, इसलिए वह मुक बन जाता है।
बधिरता दो प्रकार की होती है-
1) जन्मजात बधिर, जो वह जन्म से बधिर होने के कारण अपनी बोलने के शक्ति का विकास नहीं कर पाता है
2) जिनका विकास सामान्य होता है, जो बोलने और सुनने की क्षमता तो विकसित कर लेते हैं, परंतु किसी बीमारी या दुर्घटना के कारण उनमें श्रवण शक्ति बंद पड़ जाती है।
इनको विशेष प्रकार की शिक्षा की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि उपचारात्मक उपायों से सुधारा जा सकता है। मूकबधिरता के कारण कुछ तो जन्म से ही बहरे और गूंगे होते हैं कुछ बधिरता का कारण पैतृक पारिवारिक, आर्थिक व सामाजिक भी हो सकता है तथा कुछ बाद में बीमारी के फलस्वरुप मूक और बधिर होते हैं। जैसे- माता को गर्भकाल में कुछ दवाएं देने के परिणामस्वरूप शिशु को बधिर बना सकती है। कुछ, जो अन्य कारक बहरेपन में योगदायी हैं, उनमें गले की बीमारियों चेचक, कुपोषण, तेज ज्वर, मलेरिया, टायफायड, मध्य कर्ण शोध सैप्टिक टॉन्सिल्स, संक्रामक बीमारियाँ, निमोनिया, क्षय रोग, मेनिजाइटिस आदि उल्लेखनीय है।
सामाजिक एवं आर्थिक कारणों में संतुलित आहार का अभावरहन सहन का निम्न स्तर, असंतोषजनक चिकित्सा सुविधाएं और संबंधित ज्ञान का अभाव विशेष स्थान रखते है। बधिरता अचानक हो सकती है और धीरे-धार भी विकसित हो सकती है। बधिर व्यक्ति विभिन्न प्रकार की बाधाओं के शिकारहोते हैं। उनकी मूल समस्या संचार का अभाव है। न सुन पाने का एकमात्र परिणाम यह होता है कि क्षमता रखते हुए भी वह बोल नहीं पाता है। वह केवल इशारों से अपने विचार प्रकट करता है और इस प्रकार उसका संवेगात्मक एवं मानसिक विकास शिथिल होता है।
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