भारत में अनुसूचित जाति का विकास - Development of Scheduled Castes in India
भारत में अनुसूचित जाति का विकास - Development of Scheduled Castes in India
अनुसूचित जातियों के विकास के मूलभूत पक्षों पर चर्चा की। अनुसूचित जाति हमारे समाज का सबसे अधिक शोषित एवं उत्पीडित वर्ग है। भारतीय संविधान द्वारा समान अधिकार प्राप्त है। किंतु व्यावहारिक तौर पर देखें तो वे आज भी हरप्रकार के भेदभाव और पक्षपात का सामना करते हैं। उनका सामाजिक स्तर विशेष कर ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत निम्न है एवं आर्थिक तौर पर वे हमारे समाज की सबसे कमजोर कड़ी हैं। उनमें से अधिकतर आज भी भूमिहीन मजदूर छोटे कृषक, चर्मकार एवं सफाई कर्मचारी आदि है। अनुसूचित जातियों की आवासीय स्थिति आज भी दयनीय है और उनका शैक्षिक स्तर बहुत ही निम्न है। इसके पश्चात हमने जाति का अर्थ विशेषताएँ जाति की उत्पत्ति के सिद्धांतों एवं संवैधानिक स्थिति आदि पर विस्तार से बात की है। हमने यह भी देखा है कि जातियों के विकास में वृद्धि के लिए एक राष्ट्रीय जाति आयोग एवं जातियों के शैक्षिक विकास की योजनाओं की भी चर्चा की है साथ ही जातियों के सामाजिक आर्थिक विकास से संबंधित नीतियों एवं कार्यक्रमों को भी देखा है।
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