तृतीय पंथी जन का आर्थिक स्थिति व व्यवसाय - Economic Condition and Occupation of Third Gender

तृतीय पंथी जन का आर्थिक स्थिति व व्यवसाय - Economic Condition and Occupation of Third Gender

सामाजिक स्थिति भी निम्न है। समाज में इनका अस्वीकार्यता इनकी प्रतिभा को उभरने नहीं देती इससे इनके रोजगार के समान्य अवसर भी छिन जाते हैं। इन्हें सरकारी या निजी कार्यों में रखना तो दूर की बात है, इन्हें समान्य छोटे-मोटे कामों पर भी नहीं रखा जाता है। इनकी अशिक्षा भी इनके रोजगार के अवसरों पर विपरीत प्रभाव डालती है। कुछ लोग वह मानते हैं की इन लोगों के पास बहुत धन इकट्ठा होता है इनके बीच काम करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये लोग बेहद गरीबी और अमानवीय परिस्थिति में जिंदगी बसर करते हैं जिस कारण यह बड़े पैमाने पर वेश्यावृत्ति का कामकरते हैं। संपत्ति की जरूरत जीवन की त्वरित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए होती है। ऐसे में इनके की कोई भी संपत्ति ज्यादातर पूरे समूह की संपत्ति होती है। आज भी इनके आजीविका का साधन विभिन्न अवसरों पर नाच-गाना करके, शादी, जन्मोत्सव आदि में बधाई के द्वारा, लोगों से पैसे लेना, भिक्षावृत्ति तथा यौन कार्य के द्वारा यह समूह अपना उदर निर्वाह कर रहा है।