तृतीय पंथी जन के लिए अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन - International Non-Governmental Organization for Third Gender People

तृतीय पंथी जन के लिए अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन - International Non-Governmental Organization for Third Gender People

1) गेट- ग्लोबल एक्शन फॉर ट्रांस इक्वेलिटी (Gate-Global Action For Trans Equality) नई पीढ़ियों में एक अलग तरह का आंदोलन शुरू हुआ है जिसमें ट्रांस Trans) का उदय महत्वपूर्ण है। में समाज बाकी सारे मुद्दों के साथ इसे जोड़कर ट्रांसजेंडर का हाशिएकरण किया जा रहा है। इसलिए इससे बचने के लिए और जमीनी स्तर पर इस कार्य को पहुंचाने के लिए इस समूह का निर्माण हुआ है। डबल्यूएचओ एवं एपीए द्वारा international code of diseases एवं Diagnostic StatisticalManual (DSM) दिए जाने के पश्चात कार्यकर्ताओं के सामने कार्य के लिए एक चुनौती आ गई, जिसमें ट्रांस की पहचान का पैथालाईजेशन' महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया।


खासकर लीगल मेडिकल एवं सामाजिक परिस्थितियों में दुनियाभर केंट्रांस लोगों के लिए यह मुद्दा बन गया। ज्यादातर ट्रांस कार्यकर्ता बाहर खदेड़ दिए जाने की भावना से ग्रसित थे इसलिए इस कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना जरूरी बन गया और इसके लिए एक स्वतंत्र संरचना की आवश्यकता थी जहां सिर्फ ट्रास लोगों की समस्याओं पर प्रकाश डाला जा। इस उद्देश्य से इस संगठन का निर्माण 2009 में होता है।


गेट (GATE) क्या है?


गेट (GATE) के ट्रांस लोगों के लिए बनाया गया सहकार्यात्मक नेटवर्क है। वह संगठन उन सभी मुद्दाँजो ट्रांस से जुड़े हो या उनसे जुड़े आंदोलन हो उन सभी के लिए स्थापित राष्ट्रीय प्रादेशिक नेटवर्क प्रदान करता है। इसका मूल उद्देश्य ट्रांस को एकत्रित करना है। सहायक समूहों के साथ रचनात्मक विचार विमर्श करना भी इनका महत्वपूर्ण कार्य है।


इस संगठन ने ट्रांस संबंधी मुद्दों को लेकर डबल्यूएचओयूएन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत संगठनों से बातचीत शुरू की है उसका कहना है कि ट्रांस पहचान को एक बीमारी या व्यक्तित्व विकृति के रूप में निर्धारित करना गलत है। इस तरह के मेडिकल क्लासिफिकेशन में सुधार करने की मांग प्रमुख हैं। मिशन


> सभी ट्रांस लोगों के आत्मनिर्धारण के उद्देश्य से अन्य लोगों में उनके प्रतिसमान व्यवहार एवं उनके दृष्टिकोण परिवर्तन हेतु ट्रांस का सशक्तिकरण करना।


> ट्रांस लोगों के साथ होने वाली हिंसा भेदभाव एवं असमान उपचार अनुभवों के विरुद्ध अभियान खड़ा करना।


लक्ष्य


ट्रांस के मुद्दों पर क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लांबी तैयार करना


* दुनिया के सभी जगहों पर ट्रास लोगों से जुड़े आंदोलनों एवं संरचनाओं को सहायता प्रदान करना ॐ ट्रांस कार्यकर्ताओं के लिए जटिल ज्ञान की समझ हेतु संसाधन मुहैया करना।


संरचना


गेट समूह एक एक्टिविस्ट की तरह ट्रास एकता के लिए दुनियाभर में कार्य करता है। गेट एक तरह से Think-Tank का काम करता है, जो दुनियाभर में अपने सदस्यों तक पहुंचाता है। कार्य(पिछले एक वर्ष में)


• ट्रास लोगों की समस्याओं पर यूरोपीय स्तर पर लेखनसपादन, प्रकाशन एवं वितरणा


क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं से मिलकर नेटवर्क को मजबूती प्रदान करना।


• इंटरनेशनल ट्रांस कान्फ्रेंस का आयोजन इसके साथ ही ये इंटरनेशनल Advisory board का काम भी करता है।


2) अल- फातिहा फाउंडेशन (Al-Fatiha Foundation) यह फाउंडेशन एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मुस्लिम समुदाय के लेस्बियन गे बाइसेक्सुअल व ट्रांसजेंडर के पहचान gender identity) के प्रति समर्पित है। 1997 में फैजल जो एक आलम, पाकिस्तानी अमेरिकन है। इसने एनजीओ के रूप में यूएस में रजिस्टर्ड किया और जो 2011 तक कार्यरत रही। इसके वेबपेज को बाद में discontinue कर दिया गया है।


दुनिया के 25 मुस्लिम देशों के लोगों के साथ जुड़कर इस संस्था के द्वारा कार्य किया गया है। कुछ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलन भी आयोजित किए हैं जैसे 1990 व 2000 में न्यूयार्कएवं लंदन में और 2005 में अटलांटा में 2001 में इस संगठन के खिलाफ फतवा निकालकर मुस्लिम रूढ़िवादियों ने इस संगठन के सभी सदस्यों को murt add घोषित कर मृत्यु की घोषणा की। तब से इसके मेंबर गुप्त रूप से कार्यरत हैं।


 उद्देश्य:


> मुस्लिम समुदाय के एलजी.बी.टी. का सेक्सुयल ओरिएंटेशन या जेंडर आइडेंटिटी को इस्लाम में स्थापित करने के लिए सहयोग करना है। साथ ही इस्लामिक स्वरूप से इनको सामाजिक न्याय दिलवाना है। रूढ़िवादी इस्लामियों से होने वाले भेदभाव एवं अन्याय के खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट होने का लक्ष्य मुख्य है।


3) अंतरराष्ट्रीय 'गे' और 'लेस्बियन' मानवाधिकार आयोग (InternationalGay And Lesbian Human Right Commission) यह संस्था में और लेस्बियन के अधिकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाली प्रमुख मानवाधिकार संस्था है। यह उन लोगों की पैरवी का काम भी करती है जो समाज में अपने यौनिक रुझान, जेंडर आइडेंटिटी व एक्स्प्रेशन के कारण भेदभाव पूर्ण व्यवहार का शिकार होते हैं। यह संस्था दुनिया भर में एल.जी.बी.टी. अधिकारों का पैरवी करती है तथा यह इनके संघर्षों को मजबूती प्रदान करने व अधिक प्रभावी बनाने के लिए काम करती है। यह यूनाइटेड नेशन्स क्षेत्रीय मानवाधिकार संगठनों तथा नागरिक समाज के साथ मिलकर काम करती है।


यह एक गैर-सरकारी संस्था के रूप में मानवाधिकार तथा एल.जी.बी.टी. अधिकारों के लिए यूनाइटेड नेशन्स में परामर्शदाता की स्थिति रखती है। स्थापना अमरीकी कार्यकर्ता जुली डार्फ Julic dort) द्वारा अंतरराष्ट्रीय गे और लेस्बियन मानवाधिकार आयोग का गठन 1990 में किया गया। शुरुवात में यह संस्था यौनिक रुझान जेंडर आइडेंटिटी और एच.आई.वी. से संबंधित अधिकारों से अपना कार्य प्रारंभ की।


हम क्या करें अखंडता, समानता, सम्मान, भिन्नता और भागीदारी जैसी मूल्यों को आधार बनाकर यह संस्था काम करती है। इनका सामान्य लक्ष्य मानवाधिकार सबके लिए तथा सभी जगह है।