राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग - National Commission for Backward Classes

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग - National Commission for Backward Classes

आयोग का गठन उच्चतम न्यायालय के इस निर्देश के अनुसार भारत सरकार ने केंद्र में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग स्थापित करने के लिए 2 अप्रैल, 1993 को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, 1993 को अधिनियमित किया इस अधिनियम की धारा 3 में यह प्रावधान है कि आयोग में पांच सदस्य होंगे जिनमें से एक अध्यक्ष होगा, जो उच्चतम न्यायालय अथवा उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होगा या रह चुका होगा, दूसरा समाजविज्ञानी होगा दो सदस्य ऐसे व्यक्ति होंगे, जिन्हें पिछड़े वर्गों से संबंधित मामलों में विशेष ज्ञान हो और एक सदस्य सचिव होगा, जो भारत सरकार के सचिव के स्तर का केंद्र सरकार का कोई अधिकारी होगा या रह चुका होगा। आयोग के प्रत्येक सदस्य की पदावधि उसके कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से 3 वर्ष की होगी।