राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की शक्तियां - Powers of National Commission for Scheduled Castes

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की शक्तियां  - Powers of National Commission for Scheduled Castes


आयोग को अपने कार्यों को संपन्न करने के लिए शक्तियां प्रदान की गई है। जब आयोग किसी कार्य की जांच-पड़ताल कर रहा है या किसी शिकायत की जांच कर रहा है तो याचिका दायर की जा सकती है तथा विशेषकर निम्नांकित मामलों में भारत के किसी भी भाग से किसी व्यक्ति को सम्मन करना और हाजिर करना तथा शपथ पर उसकी परीक्षा करना।


किसी दस्तावेज को पेश करने की अपेक्षा करना।

शपथपत्रों पर साक्षी ग्रहण करना।


किसी न्यायालय या कार्यलय से किसी लोक अभिलेख या उसकी प्रति की अपेक्षा करना।


साक्षियों और दस्तावेजों की परीक्षा के लिए सम्मन निकालना।

कोई अन्य विषय, जो राष्ट्रपति, नियम द्वारा अवधारित करे। संघ और प्रत्येक राज्य सरकार अनुसूचित जातियों को प्रभावित करने वाले सभी महत्वपूर्ण नीतिगत विषयों पर आयोग से परामर्श करेगी। यह आयोग पिछड़े वर्गों एवं आंग्लभारतीय समुदाय के संबंध में भी उसी प्रकार कार्य करेगा। जिस प्रकार अनुसूचित जातियों के लिए करता है साथ ही उनके संवैधानिक संरक्षण एवं विधिक संरक्षणों के साथ में भी जांच करेगा और इस संबंध में राष्ट्रपति की रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।