अनुसूचित जाति के लिए मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति - Pre Matric Scholarship for Scheduled Castes
अनुसूचित जाति के लिए मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति - Pre Matric Scholarship for Scheduled Castes
कक्षा नौवीं और कक्षा दसवी में पढ़ रहे अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति सरकार ने दिनांक 01.07.2012 से कक्षा नौवीं और दसवी में पढ़ रहे अनुसूचित जाति के समुदायों से संबंधित विद्यार्थियों के लिए मैट्रिकपूर्व छात्रवृत्ति की एक केंद्रीय प्रायोजित योजना की शुरूआत करने का निर्णय लिया। इस योजना का उद्देश्य कक्षाए नौवी और दसवी में पढ़ रहे अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के माता-पिता को सहायता प्रदान करना है, जिससे विशेषतः प्रारंभिक से माध्यमिक स्तर के संक्रमण के दौरान विद्यार्थियों द्वारा स्कूल छोड़ने को आंकडों में कमी आ सके।
योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नानुसार हैं -
(क) इस योजना के अंतर्गत पात्र होने के लिए विद्यार्थी को निम्नलिखित पात्रता पूरी करनी होगी:
• वह अनुसूचित जाति से संबंधित हो और उसके मातापिता/अभिभावक की वार्षिक आय 2 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
विद्यार्थी को केंद्र में वित्तपोषित कोई अन्य मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति नहीं मिल रही हो।
● किसी सरकारी या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त या केंद्रीय राज्य माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता
प्राप्त विद्यालय में नियमित और पूर्णकालिक विद्यार्थी होना चाहिए। किसी भी कक्षा में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति सिर्फ एक वर्ष ही उपलब्ध होगी। यदि विद्यार्थी कक्षा दोहराता है, तो उसे दूसरे उत्तरवर्ती) वर्ष के लिए उस कक्षा के लिए छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी।
(ख) छात्रवृत्ति के मूल्य में पाठ्यक्रम की अवधि के लिए निम्नलिखित शामिल हैं:
• निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विकलांग विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त भत्ता।
(ग) यह योजना केंद्रीय प्रायोजित योजना है और राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों द्वारा कार्यान्वित की जाएगी, जिसमें इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार से उसकी प्रतिबद्ध देयता से अधिक कुल व्यय के लिए १००% केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है। किसी वर्ष के लिए किसी राज्य सरकार संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन की प्रतिबद्ध देयता का स्तर पूर्ववर्ती पंचवर्षीय योजना के अंतिम वर्ष के दौरान इस योजना के अंतर्गत उनके द्वारा किए गए वास्तविक व्यय के स्तर के समतुल्य होगा और उनके द्वारा अपने स्वयं के बजट में प्रावधान करके वहन किया जाना अपेक्षित होगा।
इस समय अनेक राज्य/संघ राज्य क्षेत्र अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के लिए कुछ प्रकार की मैट्रिकपूर्व छात्रवृत्ति योजना अपने स्वयं के संसाधनों से कार्यान्वित कर रहे हैं। लाभार्थियों द्वारा योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने की कार्यविधि सभी पात्र छात्र, जो उपर्युक्त योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति प्राप्त करना चाहते है उन्हें अपने छात्रवृत्ति आवेदनों को स्कूल प्राधिकारियों को प्रस्तुत करना चाहिए।
3. जोखिमपूर्ण व्यवसायों में कार्यरत व्यक्तियों के बच्चों के लिए सफाई तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से, जोखिमपूर्ण व्यवसायों में कार्यरत व्यक्तियों के बच्चों के लिए मैट्रिक पूर्व वित्तीय सहायता योजना है। यह योजना 1977-78 में शुरू की गई थी। आरंभ में यह योजना केवल छात्रावासियों को कवर करती थी। तत्पश्चात् वर्ष १९९१ में दिवा छात्रों को भी इस योजना के कार्य क्षेत्र में लाया गया। इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित लक्षित समूहों यथा
1. शुष्क शौचालयों को साफ करने वाला व्यक्ति
II. स्केवेंजिंग की परंपरागत प्रथा में संलग्न स्वीपर
III चमड़ा रंगने वाले व्यक्ति
IV. चमड़ा उतारने वाले व्यक्ति
V. मेहोल तथा खुली नालियों की सफाई करने वाला व्यक्ति
VI. कूड़ा बनने वाले के बच्चों को मैट्रिक पूर्व शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है
प्रमुख विशेषताएं
इस योजना के अंतर्गत सहायता के दो घटक हैं यथा
• मासिक छात्रवृत्ति ( 10 माह के लिए),
● वार्षिक तदर्थ अनुदान (स्टेशनरी, यूनीफार्म आदि जैसे आकस्मिक व्यय को कवर कसे के • सपात्रता के लिए कोई आय सीमा अथवा जाति प्रतिबंध नहीं है
• लक्षित समूह में विकलांग विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रावधान है।
योजना के मुख्य प्रावधान
यह योजना अंतिम बार दिसंबर 2008 में संशोधित की गई थी और मुख्य प्रावधानों का सार निम्नलिखित है.
योजना का घटक
1. मासिक छात्रवृत्ति
2. वार्षिक तदर्थ अनुदान (रुपए प्रतिवर्ष)
3. प्रतिबद्ध देयता के अतिरिक्त केंद्रीय सहायता का पैटर्न
4. बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना
इस योजना का उद्देश्य माध्यमिक विद्यालयों, उच्च माध्यमिक विद्यालयों, कालेजो, विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे अनुसूचित जाति के लड़कों और लड़कियों को छात्रावास सुविधाएं प्रदान करना है।
प्रमुख विशेषताएं
राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन और केंद्रीय तथा राज्य विश्वविद्यालय संस्थाएं, नए छात्रावास भवनों के निर्माण और मौजूदा छात्रावास सुविधाओं के विस्तारदोनों के लिए केंद्रीय सहायता के पात्र हैं, जबकि गैर-सरकारी संगठन तथा निजी क्षेत्र के मानित विश्वविद्यालय केवल उनकी मौजूदा छात्राबास सुविधाओं के विस्तार करने के लिए ऐसी सहायता के पात्र हैं।
5. अनुसूचित जाति के छात्रों की योग्यता का उल्नयन इस योजना का उद्देश्य आवासीय विद्यालयों में शिक्षा के माध्यम से समग्र विकास हेतु सुविधाएं प्रदान करके अनुसूचित जाति के छात्रों की योग्यता का उन्नयन करना है।
उनकी शैक्षिक कमियों को दूर करके उनकी योग्यता का उन्नयन करके व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में उनके प्रवेश को सुगम बनाना
> उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता लाकर किए जाने का प्रस्ताव है। कक्षा 9 से कक्षा 10 में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्र इस योजना के तहत पात्र है। प्रमुख विशेषताएं 25000 रुपए प्रति छात्र प्रति वर्ष के पैकेज अनुदान के माध्यम से राज्यों संप राज्य क्षेत्र को 100 % केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराना है।
विशेष भत्ते, जैसे
यातायात भत्ता
पाठक भत्ता
• सहायक भत्ता आदि विकलांग छात्रों को प्रदान किया जाता है।
01.08.2013 से प्रभावी संशोधित इस योजना इस प्रकार है:-
(क) प्रत्येक राज्य के लिए स्लाटों की संख्या में वृद्धि की गई है।
(ख) छात्रवृत्ति की दरों को 15000 रुपए से बढ़ाकर 25000 रुपए वार्षिक कर दिया गया है तथा
(ग) विकलांगता सहायता की दर को दुगुना कर दिया गया स्रोत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार)
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