चिकित्सालय में सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका - Role of social worker in the hospital

चिकित्सालय में सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका - Role of social worker in the hospital

शुरुआती समय में चिकित्सकीय सामाजिक कार्यकर्ता को चिकित्सालय में निमन्वत भूमिकाओं का निर्वहन करना होता था, जैसे 


● चिकित्सक और मरीज के बीच संपर्क स्थापित करन


● चिकित्सक और रोगी की देखभाल जारी रखने के लिए आवश्यक सामुदायिक संसाधनों के बीच संपर्क बनाए रखना


● उपचार योजना में चिकित्सक को रोगी के प्रति शिक्षित करते हुए रोगी को अनुपालन के लिए रोगी को चिकित्सक के एजेंट के रूप में सेवारत होकर प्रमोट करना किंतु बदलते परिवेश में चिकित्सालय जैसे संस्थाओं में काफी परिवर्तन आया है जिसके अनुरूप सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका में भी काफी बदलाव आया है।

जैसे कि हम जानते है अस्पतालों में अलग-अलग विभाग होते हैं। जैसे बाह्यरुग्ण विभाग (OPD), अक्तरोगी विभाग तथा गहन चिकित्सा विभाग(ICU) यह तीन विभाग ऐसे विभाग हैं, जहाँ रोगियों पर उपचार किए जाते हैं इसके बावजूद चिकित्सकीय समाज कल्याण विभाग (Medical Social Welfare Unit) के रूप में रोगियों को चिकित्सालय में स्वीकृति रोगियों के लिए उत्तम स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराना उन सेवाओं के लिए उन्हें सक्षम बनाना तथा चिकित्सालय की सेवाओं को रोगी उन्मुख बनाना आदि सेवाएँ इस इकाई द्वारा प्रदान की जाती हैं। संक्षेप में कहें तो चिकित्सालय के बाकी तीन विभागों में रोगी का व्यवस्थित समायोजन करने का कार्य इस इकाई द्वारा किया जाता है। 


बाह्यरुग्ण विभाग (OPD):

बाह्य रोगी विभाग चिकित्सालय का महत्वपूर्ण अंग है जिसमें नियत समय पर निर्धारित समय सारणी के अनुसार ऐसे रोगियों को सेवाएँ प्रदान की जाती हैं जिन्हें चिकित्सालय में भर्ती करने की आवश्यकता नहीं होती है। चिकित्सालय के बाह्य रोगी विभाग में चिकित्सकीय सामाजिक कार्यकर्ता विभाग के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। रोगियों की अपेक्षाओं के अनुरूप उन्हें सेवाएं प्रदान करना सामाजिक कार्यकर्ता की मुख्य जिम्मेदारी होती है। सिंह पी. के. (2015) के अनुसार इस जिम्मेदारी के प्रमुख पक्ष निम्नवत है.


1. बाह्य रोगी विभाग के सेवाओं का सुचारू रूप से संचालन करना 


2. रोगियों द्वारा चिकित्सालय की सेवाओं के कुशलतम उपयोग के लिए उन्हें सहयोग प्रदान करना


3. बाह्य रोगी विभाग के व्यवस्था एवं सेवाओं को रोगियों की आवश्यकता एवं अपक्षाओं के


अनुरूप संशोधित एवं संवर्धित करना इन जिम्मेदारियों का वहन करने हेतु एवं रोगियों को उचित सेवाएं प्रदान करने हेतु सामाजिक कार्यकर्ता विभिन्न भूमिकाओं का बेहतरी से बहन करता है जिसमें मुख्य हैं


1. व्यवस्थापक के रूप में


2. स्वास्थ्य शिक्षक के रूप में 


3. समन्वयक के रूप में


अंत:रोगी विभाग (Ward):


अंत:रोगी विभाग अस्पताल का महत्वपूर्ण अंग है इसमें ऐसे रोगियों को भर्ती कर सेवाएं प्रदान की जाती विभाग के दो मुख्य अंगहोते हैं, पहला है, मेडिसिन, इसमें रोगी के उपचार में मुख्य रूप से औषधियों का प्रयोग किया जाता है तथा दूसराशल्य चिकित्सा (सर्जिकल), इस विभाग में रोगी का उपचार शल्य क्रिया द्वारा किया जाता है।

रोगी जब अस्पताल में भर्ती होता है तो वह इसी अपेक्षा के साथ की वह जल्दी ही पूर्वस्थिति प्राप्त करेगा। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि अस्पताल प्रतिवेश में उसका सामाजिक एवं व्यक्तिगत जीवन खत्म हो जाता है। ऐसे में उसका पूरा परिवार तथा परिवार की आर्थिक सामाजिक और मानसिक स्थितियों में परिवर्तन आता है। ऐसे में एक सामाजिक कार्यकर्ता उसकी अपेक्षानुरूप जल्द से जल्द रोग मुक्त होकर पूर्वस्थिति में पहुंचने में काफी मदद करता है। इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ता अंतरोगी विभाग में निम्न आयामों पर कार्य कर रोगी को अपनी सेवाएँ प्रदान करता


निदानात्मक


उपचारात्मक


निवारणात्मक


पुनर्स्थापनात्मक