अनुसूचित जातियों के विकास के लिए योजनाएं - Schemes for the Development of Scheduled Castes

अनुसूचित जातियों के विकास के लिए योजनाएं - Schemes for the Development of Scheduled Castes

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय अनुसूचित जातियों के विकास के लिए निम्नांकित योजनाएं लागू करता है -

 1) शैक्षिक विकास:

अनुसूचित जातियों के छात्रों के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृति(PMS) योजना, जो देश में अपनी तरह की सबसे बड़ी शैक्षिक छात्रवृत्ति योजना है जिसका लक्ष्य अनुसूचित जातियाँ में उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। अन्य योजनाओं में अस्वच्छ व्यवसायों में लगे लोगों के बच्चों के लिए छात्रावास, पुस्तक बैंक अ. जा. छात्रों में योग्यता प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण और अन्य शायक योजनाएं शामिल हैं।


2) आर्थिक विकास:

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (NSFDC), राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) और राज्य अनुसूचित जाति विकास निगम क्रमश: केंद्र और राज्यों के स्तर पर अनुसूचित जातियों से संबंधित व्यक्तियों के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


3) संरक्षणात्मक उपाय:

सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के माध्यम से अस्पृश्यता की कुप्रथा समाप्त करने और अनुसूचित जातियों पर अत्याचार की घटनाओं को रोकने के लिए वैधानिक उपाय किए गए हैं।


4) स्वयंसेवी संगठनः

शैक्षिक योजनाओ, व्यावसायिक प्रशिक्षण और जागरूकता पैदा करने संबंधी कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में स्वयं सेवी संगठनों का चूंकि लक्षित समूहों के साथ सीधा संबंध होता है, इसलिए सामाजिक बदलाव और विकास में इन संगठनों ने कारगर भूमिका निभाई है।


 5) अनुसूचित जातियों के लिए विशेष घटक योजना और विशेष केंद्रीय सहायता की व्यवस्था 1979-80 में शुरू की गई और अनुसूचित जातियों के समग्र विकास के लिए संसाधनों में समानतापूर्ण हिस्सेदारी सुनिश्चित करने में सर्वाधिक प्रभाव निभाई है।


नौवीं पंचवार्षिक योजना में अनुसूचित जातियोंके कल्याण के लिए 3569.87 करोड़ रुपए जारी किए गए। अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए दसवीं योजना अवधि में 5786.00 करोड़ रुपए के परिव्यय को मंजूरी दी गई।


अनुसूचित जातियों के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए डॉ अंबेडकर राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना 2002-03 में शुरू कर दी गई, जिसका उद्देश्य उच्च अध्ययन के लिए कमजोर वर्गों के प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान करना, प्रोत्साहित करना और सहायता करना है। इसके अंतर्गत कुल 208 छात्रवृत्तियां (अ. जा. और अ जजा, प्रत्येक के लिए 104) दी जाती है। इसके अतिरिक्त 250 विशेष छात्रवृत्तियां राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की आबादी के अनुपात में प्रदान की जाती है।


वर्तमान में चल रही है कुछ योजनाएं केंद्र प्रायोजित योजनाए -


1. मेट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना 


2. मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति


3. जोखिमपूर्ण व्यवसायों में कार्यरत व्यक्तियों के बच्चों के लिए


4. बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना 


5. अनुसूचित जाति के छात्रों की योग्यता का उन्नयन