स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना (SJSRY) - Swarna Jayanti Shahari Rozgar Yojana (SJSRY)

स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना (SJSRY) - Swarna Jayanti Shahari Rozgar Yojana (SJSRY)

इस योजना का दिसंबर 1997 में क्रियान्वयन किया गया है, जिनमें तीन शहरी गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों- नेहरू रोजगार योजना (NRY), शहरी गरीबों के लिए बुनियादी सेवाएं योजना (UBSP) तथा प्रधानमंत्री एकीकृत शहरी गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम (PMIUPEP) को एक में • मिला दिया गया है। इसका उद्देश्य स्वरोजगार उद्यमों की स्थापना को प्रोत्साहन देना यामजदूरी रोजगार के सृजन के द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले नौवीं कक्षा तक शिक्षित शहरी बेरोज़गारों या अर्धरोजगारों को रोजगार प्रदान करना है।

इसकी वित्तीय सहायता केंद्र और राज्य सरकारों क्रमशः 75:25 अनुपात में होती है। यह योजना गरीब महिलाओं को ऊपर उठाने पर विशेष बल देती है। इस उद्देश्य से एक विशेष प्रकार का कार्यक्रम शहरी क्षेत्रों में महिलाओं एवं बच्चों का विकास (DWCUA) के कार्यक्रम चलाती है, जिसके अंतर्गत स्वरोजगार उद्यम स्थापित करने वाले शहरी गरीब महिलाओं के समूह को परियोजना की लागत के50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है।


2010-11 के बजट में इसके अंतर्गत आवंटित राशि को3060 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5400 करोड़ कर दिया गया है। सरकार ने अप्रैल 2009 में SISRY को पुर्नव्यवस्थित किया है। व्यवस्थित रूप में क्रियान्वित योजना के पांच बड़े उपक्रम है.


1. शहरी स्व-रोजगार कार्यक्रम (USEP)- 


लघुतम उद्यम लगाने के लिए व्यक्ति (हर) शहरी गरीब को लक्ष्य बनाना। 


11. शहरी महिला स्व सहायता कार्यक्रम (UWSP) समूह उद्यमों को लगाने और उन्हें किफायती और खाते में धन जमा करने जैसी गतिविधियों के लिए आवती ब्याज अदाएगी निधि के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा कर शहरी गरीब महिलाओं के स्वसहायता समूहों को  


III. रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए शहरी गरीबों के बीच क्षमता प्रशिक्षण (STIP)- उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए शहरी गरीब को लक्ष्य बनाना जिससे स्व-रोजगार तथा बेहतर वेतन वाली नौकरी के लिए उनकी नियोजन क्षमता को बढ़ाया जा सके।


 IV. शहरी वेतन रोजगार कार्यक्रम (UWEP) सामाजिक और आर्थिक रूप से सार्वजनिक लक्ष्य बनाना


परिसंपत्ति के लिए उनके शहरी गरीब के श्रम का इस्तेमाल कर शहरी गरीब की सहायता करना।


यह उन शहरों के लिए है जहाँ आबादी 5 लाख से कम है। 



V. शहरी सामुदायिक विकास तंत्र (UCDN)- शहरी गरीब की स्व-प्रबंधित सामुदायिक संरचनाओं में ख़़ुद को संगठित करने में मदद करनाताकि गरीबी के मुद्दों का सामना करने के लिए वह संयुक्त ताकत अर्जित कर सके और शहरी गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में योगदान कर सकें।


SJSRY की भौतिक एवं आर्थिक उन्नति (1.12.1997 से 2011-12 तक)