तृतीय पंथी जन की अवधारणा - Third Gender Concept

तृतीय पंथी जन की अवधारणा - Third Gender Concept

तृतीय पंथ यह शब्द अंग्रेजी Third gender का हिंदी रूपांतरण है। यह व्यापक अवधारणा है। इसे परिभाषित नहीं किया जा सकता है। परिभाषित करना उसको सीमित करने जैसा प्रतीत होता है। थर्ड जेंडर' या थर्ड सेक्स' का विभाजन स्त्री-पुरुष के रूप में नहीं किया जाता है बल्कि यह दोनों शब्द समाज में ऐसे लोगों के लिए प्रयोग किए जाते हैं, जिन्हें समाज में स्त्री या पुरुष के रूप में शामिल नहीं किया जाता है। 'थर्ड' शब्द को अन्य के रूप में प्रयोग किया जाता है। भारत के संबंध में जवबर्ड जेंडर या अन्य लोगों की बात की जाती है तो एक अलग ही संस्थानीकृत समुदाय दिखाई देता है जिसे हिजड़ा कहा जाता है।

श्री-पुरुष से परे इस समाज में एक और समाज जिसे हम सभ्य समाज के लोग किन्नर, ख्वाजा, सारा जैसे विभिन्न नामों से संबोधित करते हैं। ये लोग अपने परंपरागत आचरण के कारण भीड़ में सबसे अलग थलग नजर आते हैं, पहनावा, बातचीत का तरीका, ताली बजाना, मेकअप आदि इन्हें बाकी समाज से भिन्न पहचान देता है।


तृतीय पंथी जन की यौनिकता और जेंडर आधारित पहचान समलैंगिक इच्छा रखने वाले लोग या सेम सेक्स की इच्छा रखने वाले लोग इनमें वे भी शामिल हैं जो अपने और दूसरे दोनों लिंग के लोगों के प्रति आकर्षित हैं।

यह जरूरी नहीं कि समलैंगिक इच्छा रखने वाले लोग अपनी पहचानों (जैसे- औरत, मर्द, दलित, हिंदू मुसलमान इत्यादि) में यौनिकता से जुड़ी पहचान भी शामिल करें। जो लोग अपनी पहचान को यौनिकता से जोड़ते हैं जैसे गे, लेस्बियन इत्यादि, उनमें ज्यादातर ऐसे लोग हैं, जिन्हें इस तरह की पहचान के बारे में जानकारी है।


समलैंगिक (Homosexual)- 

वे लोग, जो समान लिंग के प्रति आकर्षित हो।


द्विलैंगिक (Bisexual)- 

वे, जो औरत और मर्द दोनों के प्रति आकर्षित हो। विषमलैंगिक (Heterosexual)- वे जो केवल दूसरे लिंग की ओर आकर्षित हो।


लेस्बियन (Lesbian)- 

औरतें, जो औरतों के प्रति आकर्षित हो।


गे (Gay)- 

चे पुरुष जो अन्य पुरुषों के प्रति आकर्षित हो।


ट्रांसजेंडर (Transgender)- 


औरत और मर्द की परिभाषा में नहीं बंधे हुए। उदाहरण के लिए कोई शारीरिक रूप से मर्द हो सकते हैं, लेकिन वो अपने जेंडर को 'मर्द' नहीं 'औरत' बताते हैं या फिर वे अपने को इन दोनों में अलग-अलग खाकों में बंधकर नहीं देखते।


हिजड़ा-

 इस समुदाय में वे शामिल हैं, जो शारीरिक रूप से मर्द पैदा हुए थे लेकिन, जिन्होंने या तो अपना लिंग कटवाया है या लिंग परिवर्तन की प्रक्रिया किसी भी स्तर तक कारवाई है या फिर अपने शरीर को बदले बिना 'हिजड़ा' पहचान अपनाई है। हिजड़ा समुदाय में वे भी शामिल हैं जिनके जन्म के समय लिंग और योनि, दोनों यौन अंग होते हैं। (इस श्रेणी में आने वाले लोगों को अंग्रेजी में इंटर-सेक्स्ड या हरमाफ़ोडाइट कहते हैं।)


कोधी- शारीरिक तौर पर मर्द, जो माँ के साथ यौन क्रियाएँ करते हैं और अपने को महिला महसूस करते हैं।


ट्रांससेक्शुअल व्यक्ति, जो अपने जेंडर को बदलने के लिए चिकित्सीय उपाय अपनाते हैं और अपने शरीर में बदलाव लाते हैं, उन्हें ट्रांससेक्शुअल व्यक्ति कहा जाता है। शारीरिक जेंडर को बदलने के लिए ऑपरेशन, हॉर्मोनयुक्त दवाइयों एवं दूसरी प्रक्रियाओं का सहारा लिया जाता है। वे स्वयं की पहचान समलैंगिक, द्विलैंगिक या विषमलैंगिक व्यक्ति के रूप में कर भी सकते हैं और नहीं भी हो सकता है वे "पुरुष से महिला ट्रांससेक्शुअल या महिला से पुरुष ट्रांससेक्शुअल कहलाना पसंद करें या हो सकता है वे इनमें से किसी भी पहचान का चयन न करें।


इंटरसेक्स व्यक्ति ज्यादातर बच्चे जब पैदा होते हैं तो उनके बाहरी यौनांगों को देखकर बताया जा सकता है कि वे लड़के हैं या लड़कियों पर कुछ बच्चों के यौनागों को देखकर यह बता पाना मुश्किल होता है कि वे लड़के है या लड़कियाँ हो सकता है कि उनके कुछ बाहरी यौनांग लड़के और कुछ लड़की की तरह हो या हो सकता है उनके बाहरी यौनांग लड़के की तरह हो पर भीतरी यौनांग लड़की की तरह या इसके विपरीत।

ऐसे व्यक्ति, जिनमें जन्म से अस्पष्ट यौनांग होते हैं उन्हें इंटरसेक्स कहा जाता है। ट्रांसवेस्टाइट व्यक्ति जो यौन संतुष्टी के लिए ऐसे कपड़े पहनते हैं जो विशिष्ट रूप से दूसरे जेंडर के लोगों द्वारा पहने जाते हैं, उन्हें ट्रांसवेस्टाइट कहते हैं। ट्रांसवेस्टाइट व्यक्ति ज्यादातर पुरुष होते हैं जो महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले कपड़े पहनना पसंद करते हैं। ट्रांसवेस्टाइट लोगों कोक्रास ड्रेसरा भी कहते हैं। एम. एस. एम. ( Man who have sex with man) वे मर्द, जो दूसरे मर्दों के साथ यौनिक क्रियाएँ करते हैं। इनमें उन मर्दों को शामिल करने का प्रयास है जो अपने आपको गे' या बाइसेक्स्युअल जैसी पहचानों से नहीं जोड़ते। एम. एस. एम. अपने आपको मर्द की तरह महसूस करते हैं।