तृतीय पंथी जन के लिए सार्वभौम मानवाधिकार घोषणा पत्र - Universal Human Rights Declaration for Third gender People
प्रमुख मुद्दे सार्वभौम मानवाधिकार घोषणा पत्र के अनुसार
> भेदभाव समाप्त कर समानता स्थापित करना
• निजी व परिवार संबंधी अधिकार सभी लोगों को अपनी निजी जीवन व्यतित करने का अधिकार है, लेकिन समान्य रूप से देखा जाता है कि एलजी. बी.टी. समूह के लोगों के साथ इस दृष्टि से भेदभाव पूर्ण व्यवहार का शिकार बनाया जाता है, उन्हें विवाह के लिए मजबूर किया जाता है।
अत्याचार, हिंसा तथा शोषण से मुक्ति
> गैर-अपराधिकरण
> बोलने, एकत्रित होने तथा संगठन बनाने की स्वतंत्रता
•जेंडर पहचान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
स्वास्थ्य और मानवाधिकार के मुद्दे
मुख्य रूप से यह मानवाधिकार के सार्वभौम घोषणा पत्र को आधार बनाकर इन मुद्दों पर काम करती है तथा इनका प्रयास विश्व के सभी नागरिकों को उनके अधिकार प्रदान करवाना है।
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