कॉरपोरेट जगत एवं महात्मा गांधी की प्रासंगिकता - Corporate world and relevance of Mahatma Gandhi
कॉरपोरेट जगत एवं महात्मा गांधी की प्रासंगिकता - Corporate world and relevance of Mahatma Gandhi
महात्मा गांधी अपने सात पातकों में से नैतिकता विहीन व्यापार' को प्राथमिकता देते हुए कहते हैं कि वे लोग जो समाज में वस्तुओं का उत्पादन एवं वितरण करते हैं उन्हें समजा के हित में कार्य करना चाहिए मिलबाट खोरी एवं जमाखोरी से समाज का अहित होता है। अत: व्यापारियों को खुद : नैतिक बल का परिचय देते हुए समाज के हित में कार्य करना चाहिए। आज पूरे विश्व में लगभग 85% सम्पदा दुनिया के 13% लोगों के हाथों में केन्द्रित है वही 85% जनसंख्या मात्र 15% सम्पदा में अपना गुजर-बग कर रही है। ऐसे संसार में अंतिम व्यक्ति तक खुशहाली एवं सम्पन्नता लानी हो तो गांधी जी के नैतिकता विहीन व्यापार के सिद्धान्त की व्यावहारिकता को समझना होगा। अन्तिम रूप में इससे व्यावहारिक रूप भी देना होगा।
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