पर्यावरण एवं महात्मा गांधी की प्रासंगिकता - Environment and relevance of Mahatma Gandhi

पर्यावरण एवं महात्मा गांधी की प्रासंगिकता - Environment and relevance of Mahatma Gandhi

विकास के नाम पर प्राकृतिक पर्यावरण का अंधाधुन विदोहन हो रहा है। जिसके कारण पर्यावरण प्रदूषण एवं अवनयन की दर बढ़ती जा रही है। प्रतिफल स्वरूप अनेक समस्याएँ आ रही है। महात्मा गांधी प्रकृति के संरक्षण एवं स्वच्छता पर ध्यान देते थे। उन्होंने अपना सेवाग्राम आश्रम प्रकृति के गोंद में बनाया था। उनका कहना था कि पृथ्वी एवं इसके प्राकृतिक वातावरण के रहने पर ही मानवता रह सकती है। इस लिए आवश्यकता है कि पर्यावरण की सुरक्षा एवं संवर्द्धन किया जाये इस नाते पर्यावरण संरक्षण एवं विकास के दृष्टि से भी गांधी के विचार की प्रासंगिकता है।