महात्मा गांधी की अहिंसक संघर्ष की आस्था - Mahatma Gandhi's belief in non-violent struggle

महात्मा गांधी की अहिंसक संघर्ष की आस्था - Mahatma Gandhi's belief in non-violent struggle

आस्था मानव मन की प्रबलता का नाम है। जिसमें वैकल्पिक चेतना के बजाय एकाकी चेतना रह जाती है। गांधी जो अहिंसक संघर्ष के संदर्भ में कहते हैं कि अहिंसा के पुजारी को आवश्यक है कि वह अहिंसा में आस्था रखे। व्यक्ति अपने ईष्ट देव में पूर्णरूपेण आस्था रखता है। अहिंसा भी साधन के समान ईश्वर तक पहुँचाने का मार्ग है। यदि व्यक्ति को ईश्वर तक पहुँचना है तो अहिंसा का अनुसरण करना होगा तथा अहिंसा के अनुसरण के लिए अहिंसा में आस्था रखनी होगी। इस प्रकार अहिंसा में आस्था रखने वाला व्यक्ति ही अहिंसक संघर्ष का अनुगामी बन सकता है।