राष्ट्रीय सेवा योजना : National service Scheme
राष्ट्रीय सेवा योजना : National service Scheme
युवा कार्य और खेल मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाता है। गांधीजी के जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में वर्ष 1969 में इसकी शुरुआत हुई। आज 37 विश्वविद्यालयों के 40,000 विद्यार्थी इसमें शामिल हुए हैं। इसका प्राथमिक उद्देश्य सामुदायिक सेवा द्वारा विद्यार्थियों का व्यक्तित्व विकास है। वर्तमान में संपूर्ण भारत के298 विश्वविद्यालय, 42 (+2) सीनियर सेकंडरी कौंसिल्स एवं डायरेक्टोरेट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन के3.2 मिलियन विद्यार्थी स्वयं सेवकों तक इसकी पहुँच है। वे सभी इस राष्ट्री सेवा योजना के गतिविधियों का लाभ प्राप्त कर रहें है।
गतिविधियाँ
राष्ट्रीय एकता शिविर,
रक्त दान,
वृक्षारोपन,
प्रतिरक्षण (Immunization),
श्रमदान,
आपदा प्रबंधन
साहस कार्यक्रमा (अधिक जानकार्य के लिए देखें-http://nss.nic.in/)
कौशल निर्माण संबंधी कार्यक्रम
भारत में काफी बड़ा कार्य चल मौजूद है और भारत में विश्व की मानव संसाधन राजधानी बनने की पूरी क्षमता है। आज भारत में 14 से 40 वर्ष के युवा बड़ी संख्या में मौजूद हैं। भारत की 65 प्रतिशत आबादी इस समय 35 साल से कम उम्र की है। यह एक ऐसा वर्ग है जो शारीरिक एवं मानसिक रूप से सबसे ज्यादा ताकतवर है, जो देश और अपने परिवार के विकास के लिए हर संभव प्रयत्न करते हैं। युवा शक्ति से भरपूर इस देश में शिक्षित युवाओं की संख्याती अच्छी खासी है, लेकिन स्किल या हुनर की बात आने पर तस्वीर बदल जाती है। आज अधिकांश बेरोजगार युवायुवतियाँ निरंतर शोषण गरीबी और बाजारीकरण का दंश झेल रहे हैं।
फरवरी 2015 को संसद में प्रस्तुत आर्थिक सर्वे में कहा गया कि देश वर्कफास का केवल दो प्रतिशत हिस्सा ही स्किल्ड (हुनरमंद) है। सीआईआई की इंडिया स्किल रिपोर्ट 2015 के अनुसार, भारत में हर साल सवा करोड़ शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में इंडस्ट्रीके दरवाजे खटखटाते हैं, लेकिन उनमें से 37 प्रतिशत रोजगार के काबिल होते हैं। नेशनल स्किल डेवलपमेंट ऑपरेशन के ताजा आंकड़ों में साल 2022 तक भारत को 24 विभिन्न सेक्टरों में करीब 12 करोड़ स्किल्ड लोगों की जरूरत होगी। नेशनल सैंपल सर्वे के एक अध्ययन के अनुसार कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त करीब 44 प्रतिशत और टेक्सटाइल प्रशिक्षण प्राप्त लगभग 60 प्रतिशत लोग स्किल्ड होने के बाद भी खाली बैठे हैं।
इस तसवीर को बदलने के लिए राष्ट्रीय कौशल नीति-2009 बनाई गई बाद में इसमें कुछ बदलाव कर नए रूप में 2015 में नई राष्ट्रीय युवा नीति का निर्माण किया गया। इसके लिए कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अंतर्गत युवाओं के लिए कौशल निर्माण के कार्यक्रम एवं विभिन्न छात्र को उपलब्ध कराया जाना निश्चित किया गया है। इस पूरे कार्यक्रम में एजेंसी के रूप में कौशल विकास एवं • उद्यमशीलता मंत्रालय अपनी भूमिका निभाएगा।
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