रेडियोधर्मी प्रदूषण - Radioactive Pollution
रेडियोधर्मी प्रदूषण - Radioactive Pollution
रेडियोधमी प्रदूषण जल प्रदूषण वायु प्रदूषण मृदा प्रदूषण तथा ध्वने प्रदूषण का एक प्रभावी स्रोत है। परमाणु ऊर्जा उत्पादन और परमाणु हथियारों के अनुसंधाननिर्माण और तैनाती के दौरान उत्पन्न होता है। रेडियोधर्मी प्रदूषण ठोस तरल या गैसीय पदार्थ में जहाँ अनायास या अवांछनीय रेडियोधर्मी पदार्थ की उपस्थिति होती है, उसे रेडियोधर्मी प्रदूषण कहते हैं। इसका प्रभाव पर्यावरण, जीव जंतुओं और मनुष्यों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता, जिससे लोगों की मृत्यु भी हो जाती है। आम तौर पर इस प्रदूषण का मुख्य कारण परमाणु विस्फोट होता है। इसके अलावा रेडियोधर्मी गैस्ये, तरल या अन्य रूपों में कोई भी पदार्थ भी इस प्रदूषण का कारण बन सकता है। नाभिकीय प्रक्रिया के दौरान कभी कभी ध्यान न देने पर भी इस तरह की दुर्घटना हो जाती है। यह तत्व मनुष्य के इधर उधर चलने के साथ-साथ अन्य स्थानों में भी फैल सकता है। यह निश्चित रूप से परमाणुई धन के उपयोग करते समय होती है।
रेडियोधर्मी प्रदूषण के स्रोत
यह प्रदूषण मानवीय और प्राकृतिक दोनों स्रोतों के कारण होता है। प्राकृतिक स्रोत में कॉस्मिक किरणें हैं जो अंतरिक्ष से पृथ्वी पर आती है। बहुत से रेडियोधर्मी पदार्थ जैसेयूरेनियम 235, रेडियम 224, थोरियम 22 चड्डानों तथा पानी में पाए जाते हैं जो विकिरणों के जन्मदाता है। बावजूद इसके मानवनिर्मित स्रोतों के अंतर्गत उल्लेखनीय है रेडियोधर्मी पदार्थों की विविध रूप में शुद्धिकरण परमाणु बम निर्माण की प्रक्रिया, गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों में वृद्धि परमाणु शक्ति उत्पादन केंद्र आदि से उत्पन्न विकिरण तथा कचरे से प्रदूषण उत्पन्न होता है।
रेडियोधर्मी प्रदूषण के प्रभाव
रेडियोधर्मी प्रदूषण का प्रभाव प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कई रूपों में पड़ता है। इस प्रदूषण का प्रभाव जल वायु, मृदा प्रदूषण के रूप में पड़ता है। इस प्रदूषण के कारण मनुष्य में रक्त कैंसर होने की संभावना होती है।
अधिक मात्रा में इन पदार्थों के संपर्क में रहने से मृत्यु होने की संभावना होती है। ये किरण गुणसूत्रों पर उपस्थित जीस में उत्परिवर्तन कर देते हैं जो अनुवांशिक होता है।
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