कौशल निर्माण संबंधी कार्यक्रम - Skill Building Programs

कौशल निर्माण संबंधी कार्यक्रम - Skill Building Programs

भारत में काफी बड़ा कार्य चल मौजूद है और भारत में विश्व की मानव संसाधन राजधानी बनने की पूरी क्षमता है। आज भारत में 14 से 40 वर्ष के युवा बड़ी संख्या में मौजूद हैं। भारत की 65 प्रतिशत आबादी इस समय 35 साल से कम उम्र की है। यह एक ऐसा वर्ग है जो शारीरिक एवं मानसिक रूप से सबसे ज्यादा ताकतवर है, जो देश और अपने परिवार के विकास के लिए हर संभव प्रयत्न करते हैं। युवा शक्ति से भरपूर इस देश में शिक्षित युवाओं की संख्याती अच्छी खासी है, लेकिन स्किल या हुनर की बात आने पर तस्वीर बदल जाती है। आज अधिकांश बेरोजगार युवायुवतियाँ निरंतर शोषण गरीबी और बाजारीकरण का दंश झेल रहे हैं।


फरवरी 2015 को संसद में प्रस्तुत आर्थिक सर्वे में कहा गया कि देश वर्कफास का केवल दो प्रतिशत हिस्सा ही स्किल्ड (हुनरमंद) है। सीआईआई की इंडिया स्किल रिपोर्ट 2015 के अनुसार, भारत में हर साल सवा करोड़ शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में इंडस्ट्रीके दरवाजे खटखटाते हैं, लेकिन उनमें से 37 प्रतिशत रोजगार के काबिल होते हैं। नेशनल स्किल डेवलपमेंट ऑपरेशन के ताजा आंकड़ों में साल 2022 तक भारत को 24 विभिन्न सेक्टरों में करीब 12 करोड़ स्किल्ड लोगों की जरूरत होगी। नेशनल सैंपल सर्वे के एक अध्ययन के अनुसार कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त करीब 44 प्रतिशत और टेक्सटाइल प्रशिक्षण प्राप्त लगभग 60 प्रतिशत लोग स्किल्ड होने के बाद भी खाली बैठे हैं।


इस तसवीर को बदलने के लिए राष्ट्रीय कौशल नीति-2009 बनाई गई बाद में इसमें कुछ बदलाव कर नए रूप में 2015 में नई राष्ट्रीय युवा नीति का निर्माण किया गया। इसके लिए कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अंतर्गत युवाओं के लिए कौशल निर्माण के कार्यक्रम एवं विभिन्न छात्र को उपलब्ध कराया जाना निश्चित किया गया है। इस पूरे कार्यक्रम में एजेंसी के रूप में कौशल विकास एवं  उद्यमशीलता मंत्रालय अपनी भूमिका निभाएगा।