युवा कल्याण - Youth Welfare

युवा कल्याण - Youth Welfare

युवा कल्याण से लेकर युवा विकास का रास्ता हमने स्वतंत्रता के बाद तय किया है। साथ ही लगातार विभिन्न मंत्रालयों द्वारा शहरी ग्रामीण, अनुसूचित जाती एवं जनजाति के युवाओं को सक्षम बनाने के प्रयास जारी है। समाज कार्य में युवा कल्याण से संबंध रखने वाले भारतीय विद्वान हरीशंकर श्रीवास्तव कहते हैं कि प्राय: ऐसा होती है कि नवयुवकों में सहयोगी जीवन और जनतात्रिक मूल्यों का विकास नहीं हो पाता है। वे स्वयं अपने कार्यक्रमों का निर्धारण एवं संचालन नहीं कर पाते। इसके अतिरिक्तविभिन्न परिस्थितियों, कारणों के परिणामस्वरूप वे स्वयं को अनेक शारीरिक मानसिक व्याधियों से ग्रस्त बना लेते हैं, जिसके फलस्वरूप उनका स्वाभाविक विकास अवरुद्ध हो जाता है। वे असमायोजित हो जाते हैं, • जिसके कारण विभिन्न समस्याओं में वे स्वयं को घिरे पाते हैं। ऐसमें उनको उचित मार्गदर्शन एवं परामर्शन की आवश्यकता होती शारीरिक बदलाओं के प्रति समझ बनाने हेतु उन्हें लैंगिक शिक्षा की आवश्यकता होती है। आपराधिक गतिविधियों में फंसे युवाओं के लिए उपचार एवं सुधार की आवश्यकता होती है।

साथ ही मनोदशा में आने वाले तीव्र बदलाओं को समझाने के लिए एक परामर्शदाता की आवश्यकता होती है। युवा विकास के सरकारी गैरसरकारी प्रयासों का उचित क्रियान्वयन हेतु प्रशिक्षित सामाजिक कार्यकर्ता की आवश्यकता होती है। ऐसे में समाज कार्य युवा विकास की जिम्मेदारी का बखूबी भार वहन करने में समर्थ होता है।


समाज कार्य से संबंध रखने वाले विद्वानों का मानना है कि युवा कल्याण के कार्यक्रमों को ऐसा मोड देने की आवश्यकता है, जो युवाओं के सर्वांगीण विकास को अधिकाधिक सरल बना सके। यह कार्य अन्य उपायों, अभिकरणों के अतिरिक्त बहुत से संदर्भ में प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की सेवाओं को उपक्रम बनाकर किया जा सकता है। वर्तमान में युवा विकास के विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन परामर्श प्रकोष्ठ, करियर मार्गदर्शक, प्रशिक्षक आदि के रूप में विभिन्न एजेंसियों के अंतर्गत सामाजिक कार्यकर्ता अपने वैज्ञानिक ज्ञान और कुशलताओं के आधार पर युग विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहें हैं। युवा विकास आज के लिए एक महत्वपूर्ण विषयों में से एक हैं। जैसे कि नीति में बताया गया है युवा विकास को राष्ट्र निर्माण के साथ जोड़ना है। ऐसे में एक लोकतांत्रिक समाज निर्मिति के लिए युवकों में लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास हेतु समाज कार्य चहतेरी से कार्य कर सकता है।