समुदाय के आधार या तत्व - Community Base or Elements

समुदाय के आधार या तत्व - Community Base or Elements

किंग्सले डेविस ने समुदाय के दो तरह के आधारभूत तत्वों की चर्चा की है


1) प्रादेशिक निकटता


सदैव ही कतिपय जगहों पर आवासों के समुच्च पाए जाते हैं। किसी अन्य समूह के व्यक्तियों की अपेक्षा अपने ही समूह में अंत क्रिया करने को सरल मानते हैं। निकटता संपर्क को सुगम बनाती है और सुरक्षा की भावना भी पैदा करती है।


2) सामाजिक पूर्णता


डेबिस के अनुसार, "समुदाय सबसे छोटा प्रादेशिक समूह होता है। यह सामाजिक जीवन के समस्त पहलुओं का अवलोकन करता है। यह उन सभी विस्तृत संस्थाओं रुचियों आदि को अपने में शामिल करता है, जिनसे समाज का निर्माण होता है"।


इवर और पेज ने भी समुदाय को दो आवश्यक तत्वों में वर्गीकृत किया है 


1) स्थानीय क्षेत्र


समुदाय के लिए अत्यंत आवश्यक तत्व के रूप में स्थानीय क्षेत्र या निवास स्थान है। इसकी अनुपस्थिति में समुदाय का जन्म ही नहीं हो सकता। क्षेत्र में निश्चितता होने के कारण ही आवासीय सदस्यों के बीच पनिष्ठता, सहनशीलता और सामजस्यता की भावना पनपती है। 


2) सामुदायिक भावना


सामुदायिक भावना समुदाय की मूल संकल्पना होती है। इसके बिना भी समुदाय की कल्पना नहीं की जा सकती। इस भावना के जन्म का कारण एक निश्चित क्षेत्र, सदस्यों के कार्य करने का सामान्य ढंग और प्रत्येक सदस्य का एक-दूसरे के सुखदुख में सम्मिलित होना होता है। दूसरे का सुख का सुख और दूसरे का दुख उनका स्वयं का दुख होता है। इसके इतर समुदाय में निम्न आवश्यक तत्व होते हैं


1) समुदाय की पहली आवश्यक शर्त एक निश्चित भू-भाग है, क्योंकि उसके बिना व्यक्तियों में अंतरसंबंधों की कल्पना भी नहीं की जा सकती और हम की भावना' के सृजन का तो कोई सवाल ही नहीं उठता।


2) यह मनुष्यों का एक झुंड होता है।


3) सदरलैंड, वुडवर्ड और मैक्सवेल के अनुसार समुदाय एक ऐसा स्थानीय क्षेत्र है जिस पर लोग एक ही भाषा का प्रयोग करते हैं, समान रूड़ियों का पालन करते हैं और कमोबेश रूप में समान भावों का अनुभव करते हैं।" अर्थात एक समुदाय में सामुदायिक ता की भावना का होना अत्यंत आवश्यक है।"


4) समुदाय में भाषा, रीति-रिवाज रूढ़ियों परंपराओं आदि में विभिन्न रूपों में समानता पाई जाती है। ग्रीन के शब्दों में, "समुदाय संकीर्ण भौगोलिक दायरे में रहने वाले लोगों का संग्रह है जो कि जीवन के एक सामान्य ढंग का आगीकार करते हैं। 


(5) समुदाय में स्थायित्व का गुण पाया जाता है वह किसी अनियोजित भीड़ के समान अस्थायी नहीं होता है। 


(6) मनुष्यों का जन्म समुदाय में होता है परंतु समुदायों की निर्मिति नहीं की जाती ये स्वतः स्फूर्त होते


7) प्रत्येक समुदाय का एक नाम होता है जिससे उसका व्यक्तित्व संबंधित रहता है। लम्ले के अनुसार, "यह एकरूपता का संकेत होता है वह यथार्थता बताता है वह वैयक्तिकता का घोतक है, वह बहुधा व्यक्तित्व का गुणगान करता है और प्रत्येक समुदाय किसी न किसी तरह का एक व्यक्तित्व है।