सामाजिक समूहों के प्रकार - Types of Social Groups
सामाजिक समूहों के प्रकार - Types of Social Groups
विद्वानों द्वारा सामाजिक समूहों का वर्गीकरण भिन्न आधारों पर किया गया है। कुछ विद्वानों द्वारा किए गए वर्गीकरण निम्नानुसार हैं।
1. मैकाइवर और पेज समूह के वर्गीकरण में मैकाइबर और पेज ने निम्न तत्वों को प्राथमिकता दी हैं
1. घनिष्ठता की मात्रा
II. आकार
iii. समूहों के स्वार्थ तथा इन स्वार्थ की अवधि
iv. समूहों के संगठन
इन्हीं तत्वों के आधार पर उन्होने समस्त सामाजिक समूहों को तीन भागों में विभाजित किया है
• क्षेत्रीय समूह जिनका एक निश्चित भौगोलिक आवासीय क्षेत्र होता है।
● हितों के प्रति चेतन समूह, जिसका निश्चित संगठन नहीं होता है।
• हितों के प्रति चेतन समूह जिसका निश्चित संगठन होता है।
2. चार्ल्स एच. फूले कुले ने समूह को मुख्य रूप से दो प्रकारों में वर्गीकृत किया है
प्राथमिक समूह
द्वितीयक समूह
3. डबल्यू जी, समनर समनर ने समूह के सदस्यों में मनिष्ठता व सामाजिक दूरी के आधार पर समस्त समूहों को निम्नलिखित दो प्रकारों में विभाजित किया है
• अंतःसमूह इस समूह के सदस्यों में 'हम की भावना' पाई जाती हैं। ये समूह के सुख को अपना सुख तथा दुख को अपना दुख मानते हैं।
• बाह्य समूह इस समूह में जो गुण पाए जाते हैं वे अंत समूह से विपरीत होते हैं। इसमें दूसरे समूह की भावना का समावेश होता है। इस कारण समूह के प्रति सहानुभूति स्नेह आदि का सर्वथा अभाव होता है।
4. योगास बोगार्डस ने समूहों को निम्न छह भागों में वर्गीकृत किया है.
• अनौपचारिक औपचारिक और प्रशासकीय ऐच्छिक और अनैच्छिक
जननिक और समूहीकृत
प्राथमिक और द्वितीयक
विभाजनकारी अथवा अतिक्रमणकारी
• सामाजिक, अर्द्धसामाजिक, असामाजिक, समाज के पक्ष में और समाजीकृत
5. गिडिन्स गिडिन्स ने सामाजिक समूह को मूल रूप से चार प्रकार से विभाजित किया है
● जननिक समूह इनकी सदस्यता जन्म से प्राप्त होती है। जैसे परिवार।
• इकट्ठे समूह इनकी सदस्यता ऐच्छिक होती है। जैसे मित्र
• वियोजक समूह यह अन्य समूहों की सदस्यता की अनुमति नहीं देता। जैसे देश
• सम्मिश्रित समूह यह अन्य समूहों की सदस्यता की अनुमति देता है। जैसे मित्र मंडली
6. एच. मिलर मिलर ने समूह के मध्य स्थित सामाजिक दूरी के आधार पर सामाजिक समूहों को दो श्रेणियों में विभाजित किया है.
ऊर्ध्वाधर समूह इनका आकार अपेक्षाकृत छोटा होता है। जैसे मालिक और नौकर
• क्षैतिज समूह इनका आकार बड़ा होता है। जैसे मित्र मंडली।
7. जॉर्ज हासन हासन ने सामाजिक समूहों को चार प्रकारों में विभाजित किया है
• असामाजिक समूह-यह समूह समाज के मूल्यों आदर्शों अपेक्षाओं आदि से परे रहता है। जैसे- साधुओं का समूह
• आभासी सामाजिक समूह यह समूह अपने हितों के लिए सामाजिक जीवन में भाग लेता है। वह ऐसा आभास कराते हैं जैसे सार्वजनिक हित के लिए काम कर रहे हैं। जैसे राजनैतिक दला
● समाज विरोधी समूह इस समूह की गतिविधियां समान विरोधी होती हैं। जैसे- गंगा
• समाज समर्थक समूह- यह समूह समाज के लाभ के लिए सक्रिय रहता है। जैसे- गैर सरकारी संगठना
8. एलवुड एलवुड ने सामाजिक समूह को निम्न दो प्रकारों में विभाजित किया है
• स्वीकृत समूह
• अस्वीकृत समूह
9. गिलिन और गिलिन इन्होंने समूह को निम्नांकित चार प्रकारों में बांटा है
● नातेदारी वा रक्त संबंधी समूह
● शारीरिक विशेषताओं वाला समूह
● स्थानीय निकटता पर आधारित समूह सांस्कृतिक हितों पर आधारित समूह शांति मैत्री
10.जॉर्ज सिमेल- सिमेल ने आकार के आधार पर समूह को निम्न तीन रूपों में विभाजित किया है
● एकल समूह
• द्वैत समूह
• त्रैत समूह
11. सैंडरसन- सैंडरसन ने सामाजिक समूह को निम्न तीन प्रकार में बाटा है
• अनैच्छिक समूह
● ऐच्छिक समूह
प्रातिनिधिक समूह
12. टोनीज़- टोनीज़ ने समूह को दो प्रकार में वर्गीकृत किया है
गमाइनशाफ्ट (सामुदायिक संबंध
● गेसलशाफ्ट (सामितिय/ समितिय संबंध
13. लियोपोड- इन्होंने समूह को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है
भीड़
• समूह
14. रॉबर्ट बिरस्टीड- बिरस्टीड समूह को निम्न चार श्रेणियों में विभाजित करते हैं
● सांख्यिकीय समूह
• अमूर्त संग्रह
● समूह
• सामाजिक समूह
● सहचारी समूह
15. पार्क एवं वगैस इन्होंने समूह को निम्न दो प्रकार में विभाजित किया है
प्रादेशिक समूह
गैर प्रादेशिक समूह
वार्तालाप में शामिल हों